फर्रुखाबाद। उत्पीड़न से परेशान आशाओं ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। चार माह से उन्हें न तो मानदेय मिला और न ही अन्य कार्यों के भुगतान हुए। आशाओं ने सभी देयकों पर 10 प्रतिशत कमीशन वसूले जाने का आरोप लगाया। सीएमओ ने डीसीपीएम, लिपिक, सात सीएचसी पर तैनात बीसीपीएम, एमओआईसी का वेतन रोक दिया है।
आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में सबसे कम मानदेय पर काम करने वाली मजबूत कड़ी आशाओं का भी उत्पीड़न हो रहा है। शनिवार को सभी ब्लाकों की 150 से अधिक आशाएं सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र हुईं। इसके बाद गेट पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी।
उन्होंने कहा कि 2200 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। प्रति आशा से दो सौ रुपये संगिनी के माध्यम बीसीपीएम व एमओआईसी वसूली कराते हैं।
अप्रैल के बाद से चार माह का मानदेय भी नहीं दिया गया। जबकि अधिकारी प्रति माह अपना वेतन ले रहे हैं। गैर संचारी रोग, फाइलेरिया अभियान में उन लोगों से काम लेने के बाद अभी तक भुगतान नहीं किया गया। 5000 रुपये भुगतान पर 1200 से 1300 रुपये कमीशन लेकर उत्पीड़न किया जा रहा है।
इसी बीच सीएमओ अपने कार्यालय आ गए। उन्होंने प्रत्येक ब्लाक की एक-एक आशा को बुलाकर समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने सीएचसी पर हो रहे कारनामों की पोल खोली। कमीशन लेने और भुगतान लटकाने की बात सुनते ही सीएमओ पारा चढ़ गया।
उन्होंने कायमगंज सीएचसी प्रभारी की फोन पर ही फटकार लगाई।
एनएचएम के पटल सहायक राकेश चंद्र व डीसीपीएम रणविजय प्रताप को बुलाकर जमकर क्लास लगाई। सीएमओ ने आशाओं को मानदेय सहित सभी देयकों के भुगतान कराने का आश्वासन दिया। जिम्मेदारी के कारनामा सुनकर सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने सीएचसी बरौन, कमालगंज, मोहम्मदाबाद, राजेपुर, शमसाबाद, नवाबगंज व कायमगंज के बीसीपीएम, एमओआईसी के अलावा अपने कार्यालय में तैनात लिपिक राकेश चंद्रा व डीसीपीएम का सितंबर का वेतन रोक दिया।
आशाओं के मानदेय का भुगतान कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। पल्स पोलिया अभियान का बहिष्कार
आशाओं ने पल्स पोलियो अभियान का बहिष्कार कर दिया। कहा कि 75 रुपये प्रतिदिन मानदेय पर वह लोग काम नहीं करेंगे। इसके अलावा पल्स पोलियो अभियान आशाओं द्वारा सफल बनाया जाता है, जबकि प्रदेश स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है। इससे सरकार अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ही पल्स पोलियो अभियान भी सफल कराए।
फर्रुखाबाद। सीएचसी नवाबगंज में तैनात बीसीपीएम प्रदीप कुमार पर आशाओं ने वसूली करने का आरोप लगाया। इस पर सीएमओ ने उसे कायमगंज सीएचसी स्थानांतरित कर दिया।
सीएमओ ने बताया कि बीसीपीएम प्रदीप पर वसूली के आरोपों की जांच एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा को सौंपी है। शीघ्र ही बीसीपीएम पर कार्रवाई की जाएगी।
विदित है कि 29 जून को ही बीसीपीएम का नवाबगंज से स्थानांतरण किया गया था। खेल के चलते स्थानांतरण रुकवाकर वह नवाबगंज सीएचसी पर डटा रहा।