फर्रुखाबाद। गंगा की बाढ़ में बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे में मनमानी का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। लेखपाल पर वसूली करने के साथ कई पात्रों को मुआवजे से वंचित करने के भी आरोप लगाए गए।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव तुषौर निवासी अनुराग सिंह, अमित सिंह, रामनिवास, सर्वेश सिंह, देवेंद्र सिंह, तेज प्रताप सिंह आदि ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। अनुराग सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की। कहा कि उनकी मां बुद्धि देवी बुजुर्ग व विधवा हैं। मां के नाम 10 बीघा खेत है। इसमें खड़ी धान की फसल गंगा की बाढ़ में नष्ट होने से करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। बाढ़ राहत धनराशि दिलवाने के नाम पर लेखपाल ने उनसे दो हजार रुपये लिए, इसके बावजूद मुआवजा नहीं मिला। जबकि गांव में कई लोगों को नुकसान से कई गुना अधिक बाढ़ राहत धनराशि दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि मुआवजा दिलाने के नाम पर जमकर वसूली की गई। इससे रुपये मिल गए उसे अधिक मुआवजा दिलवाया गया, जिसने रुपये नहीं दिए उसका कितना भी नुकसान हुआ हो, लेकिन मुआवजा एक-दो हजार रुपये ही मिला तो कई वंचित रह गए।
इतेंद्र सिंह, नीलकंठ, प्रशांत पांडेय, अशोक सिंह, शिवराज, सुभाष, गुड्डू शर्मा पवन, सुमित प्रमोद आदि बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।