फर्रुखाबाद। बेटे की शादी और इलाज के लिए अवकाश न मिलने से गुस्साए रेडियोलॉजिस्ट ने बुधवार को अल्ट्रासाउंड नहीं किए। वे कई घंटे सीएमएस के कमरे में बैठे उनका इंतजार करते रहे। दोपहर दो बजे तक डॉक्टर का इंतजार कर मरीज बैरंग लौट गए। वह अगस्त में ही ऑनलाइन और सीएमएस के समक्ष आवेदन कर चुके हैं। उन्होंने इस्तीफा देने की धमकी दी। कहा कि वह एक नवंबर से नहीं आएंगे।
डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में परामर्शदाता डॉ. योगेंद्र सिंह अकेले रेडियोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने बेटे की शादी और इलाज कराने की खातिर एक नवंबर से 22 दिसंबर तक का उपार्जित अवकाश लेने के लिए 18 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन किया था। इससे पहले 14 अगस्त को सीएमएस कार्यालय में भी रिसीव करा चुके थे। बुधवार को डॉ. योगेंद्र सिंह ने कुछ देर मेडिकोलीगल बनाए।
इस दौरान करीब 25 मरीजों की अल्ट्रासाउंड के लिए पर्ची जमा हो चुकी थीं। डॉक्टर ने सीएमएस को फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। इस पर वह कर्मचारी से अल्ट्रासाउंड न करने की बात कहकर सीएमएस के कमरे में चले गए। डॉ. योगेंद्र ने बताया कि उनका लंबे समय से इलाज चल रहा है। बेटे की शादी भी है। इसलिए अवकाश की सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं। एक महीने से सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त दो-चार दिन की बात कहकर टहला रहे हैं। अभी तक अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया। यदि अवकाश नहीं मिलेगा, तो एक नवंबर से उनका इस्तीफा माना जाए। इसकी वह पहले ही जानकारी भी दे चुके हैं। अल्ट्रासाउंड न होने से घंटों परेशान होकर मरीज लौट गए।
एक्सरे पर्ची जमा करने पहुंचे मरीज को फटकारा
एक्सरे रूम में बुधवार को मरीजों की मारामारी रही। भीड़ के चलते 11 बजे तक करीब 60 पर्चे जमा किए जा चुके थे। इसके बाद भी काफी संख्या में मरीज एक्सरे कराने के लिए आते रहे। ड्यूटी कर्मचारी ने मरीजों को फटकार लगाकर पर्ची जमा करने से इन्कार कर दिया। कहा कि जितनी पर्ची जमा हुई, उतने ही एक्सरे हो पाएंगे। कुछ मरीजों से विवाद भी हुआ, मगर गेट बंद कर लिए गए।
लोहिया की स्ट्रेचर से निजी अस्पताल में कराया अल्ट्रासाउंड
राजेपुर थाने के गांव बदनपुर निवासी गंगा देवी (62) पर सांड़ ने हमला कर दिया था। वृद्धा के पेट में अधिक चोट होने की वजह से डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। परिजन अल्ट्रासाउंड कक्ष में ले गए, मगर वहां मना कर दिया गया। इसके बाद परिजन लोहिया अस्पताल के स्ट्रेचर से गंगा देवी को निजी अस्पताल ले गए। वहां अल्ट्रासाउंड कराने के बाद दोबारा इमरजेंसी के महिला वार्ड में बेड पर लिटा दिया। पुत्र छोटेलाल ने बताया कि मां का अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी थी। यहां मना कर दिया, तो मजबूरी में एक युवक की सलाह पर बाहर ले गए थे।