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एसीएमओ व एंबुलेंस अधिकारी में नोकझोंक

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फर्रुखाबाद। सत्यापन में मरीजों के डाटा का मिलान न होने पर एंबुलेंस संचालन अधिकारी व एसीएमओ के बीच सीएमओ कार्यालय में नोकझोंक हो गई। एंबुलेंस सेवा के ऑपरेशन हेड राकेश राणा ने कहा कि कोई फर्जीवाड़ा नहीं हुआ है। वह एक-एक मरीज का सत्यापन करा देंगे। वहीं, जांच कर रहे एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि मरीजों की संख्या में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा निकल रहा है। सभी सीएचसी पर सत्यापन के बाद वह रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेंगे।
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शासन के आदेश पर एंबुलेंस से अस्पतालों तक पहुंचाए गए मरीजों का सत्यापन किया जा रहा है। जुलाई में 108 एंबुलेंस से 2,941 व 102 एंबुलेंस से पहुंचाए गए 4604 मरीजों का सत्यापन एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव कर रहे हैं। सीएचसी राजेपुर व मोहम्मदाबाद में एंबुलेंस से भेजे गए अधिकांश मरीजों का डाटा नहीं मिला। इससे 50 फीसदी से अधिक मरीज फर्जी बताए जा रहे हैं।
इसी मामले में राकेश राणा के साथ एंबुलेंस सेवा के एरिया मैनेजर जगदीश्वर पांडेय व जिला प्रभारी विजय यादव सीएमओ कार्यालय पहुंचे। राकेश ने कहा कि एंबुलेंस की कार्यदायी संस्था के पास मरीजों का पूरा डाटा है। अस्पतालों में मरीजों की पूरी इंट्री नहीं की जाती है। एसीएमओ ने कहा कि मनचाहे ब्लाक का सत्यापन करा लो। यदि मरीजों का अस्पताल के रिकार्ड से मिलान सही हो जाता है तो वह उसी हिसाब से रिपोर्ट बना देंगे।
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कहां भेजे गए मरीज, इसकी भी होगी जांच
सीएचसी व पीएचसी से रेफर मरीज लोहिया अस्पताल भेजे जाते हैं। जुलाई में एंबुलेंस से भेजे गए कुल 7545 मरीज कहां भर्ती हुए इसकी भी जांच होगी। बातचीत के दौरान सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने कहा कि रेफर करने का कारण भी देखा जाए। इसके साथ ही लोहिया अस्पताल के रिकार्ड मिलान किया जाए, जिससे यह पता चल सके कि पीएचसी या सीएचसी से भेजे गए मरीज लोहिया अस्पताल पहुंचे या और कहीं ले जाए गए।
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