शमसाबाद। क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण में बाढ़ से बचाव के लिए हो रहे परकोपाइन निर्माण में घटिया काम को लेकर विवाद छिड़ गया है। इससे निर्माण कार्य में भी बाधा आ रही है। वहीं अधिकारियों का कहना मजदूरी ठेका को लेकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
गंगा की बाढ़ में हर वर्ष क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण व समैचीपुर चितार के वाशिंदे बरबाद हो जाते हैं। इसके चलते सिंचाई विभाग की ओर से बाढ़ से बचाव के लिए एक करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से करीब 800 मीटर परकोपाइन का निर्माण कराया जा रहा है। समैचीपुर चितार की प्रधान तारा बानो ने बताया कि ठेकेदार बालू भरी बोरियां सीधी लगा रहा है। जो बाढ़ आने पर पानी को रोक भी नहीं पाएंगी। कुछ स्थानों पर तो बोरियां लगाई ही नहीं जा रही हैं। अमानक निर्माण को लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। वहीं, पैलानी दक्षिण के ग्रामीण परकोपाइन निर्माण से खुश हैं।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता सुखवंत सिंह राठौर ने बताया कि पैलानी दक्षिण के प्रधान जुबेर खान ने ठेकेदार से मजदूरों का ठेका ले लिया है। इससे वह अपने श्रमिक लगाकर बालू की बोरी भरवा रहे हैं। जबकि समैचीपुर चितार की प्रधान तारा बानो का पुत्र मजदूरों का ठेका लेने के लिए दबाव बना रहा है। दो दिन पहले श्रमिकों को धमकाने का प्रयास किया गया। करीब 50 फीसदी से अधिक गुणवत्तापूर्ण काम हो चुका है। काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।