फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी में 30 जून तक लाइसेंस नवीनीकरण न कराने वाले आढ़तियों को अब छह हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। मंडी में 50 फीसदी लाइसेंसों का ही नवीनीकरण हो सका है।
सातनपुर मंडी में करीब 1300 आढ़तियों व व्यापारियों के लाइसेंस जारी हैं। इन सभी का लाइसेंस नवीनीकरण 30 जून तक होना था। कई लाइसेंस फर्जी कागजों से जारी कराकर लाखों का कारोबार होता है। अब इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए नवीनीकरण में आढ़तियों को दो गारंटर भी लगाने की व्यवस्था की गई है। हालांकि यह व्यवस्था फर्जीवाड़ा करने वालों को रास नहीं आ रही है। इससे वह जल्द ही पकड़ में आ जाएंगे। यदि भाग भी गए तो गारंटरों का फंसना तय है।
हालात यह हैं कि मंडी में 30 जून तक कुल 665 आढ़तियों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए फीस जमा की है। इनमें कई ऐसे भी आढ़ती हैं, जिन्हें गारंटर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इससे नवीनीकरण की प्रक्रिया अधूरी है। शेष बचे 600 से अधिक आढ़तियों ने अभी नवीनीकरण के लिए आवेदन भी नहीं किया है।
अंतिम तिथि 30 जून निकल चुकी है। इससे नवीनीकरण कराए बिना वह कोई कारोबार भी नहीं कर सकेंगे। अब उन्हें लाइसेंस नवीनीकरण के लिए फीस के साथ 6000 रुपये जुर्माना भी देना होगा। प्रभारी मंडी सचिव सूरज सहाय सक्सेना ने बताया कि दिसंबर तक नवीनीकरण कराने वालों को अतिरिक्त 6000 रुपये शमन शुल्क जमा करना होगा। जबकि दिसंबर के बाद नवीनीकरण फीस के साथ 8000 रुपये शमन शुल्क जमा करना होगा। बिना नवीनीकरण लाइसेंस का कोई भी गेटपास नहीं कटेगा। इससे उनके व्यापार पर स्वत: रोक लग जाएगी।