फर्रुखाबाद। बांधों से पानी छोड़े जाने से गंगा के साथ अब रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इस सीजन में रामगंगा के जलस्तर में पहली बार बढ़ोतरी हुई है।
खो, हरेली, रामनगर बैराज से रामगंगा में 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे रामगंगा का जलस्तर 134.80 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है।
दूसरी ओर, नरौरा बांध से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को 53,049 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर 136.50 मीटर पर पहुंच गया है।
अब गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 10 सेंटीमीटर दूर रह गया है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं।
तटवर्ती गांव कालिका नगला, कहिलियाई, फुुला के रास्ते में पानी भर गया है। ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। रामपुर, जोगराजपुर, करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, माखन नगला गांवों में पानी पहुंचने लगा है।
बाढ़ का खतरा देखकर ग्रामीण खाने-पीने की सामग्री जुटाने में लगे हैं। तीसराम की मड़ैया, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, जोगराजपुर गांवों में खेतों की कटान तेज होने से भी ग्रामीण परेशान हैं।
शमसाबाद के गांव समैचीपुर चितार में कटान होने से ताज मोहम्मद, मुस्तकीम, इस्तकीम, गुलशेर की झोपड़ी तक गंगा की धारा पहुंच गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कटान से बचाने के लिए संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन कोई अधिकारी देखने तक नहीं आया।
कमालगंज। गंगा की कटान से शुक्रवार को भी जंजालीनगला गांव के हालात खराब रहे। सुबह के समय दो परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
नायब तहसीलदार ने राजस्व कर्मियों के साथ मौके का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों के अस्थाई ठिकानों कूड़ा निस्तारण केंद्र, पंचायत घर, बाग व खेत में पहुंचकर समस्या पूछी। लोगों ने रहने के लिए स्थाई जगह, मुआवजा व भोजन के लिए सूखा राशन मांगा।
नायब तहसीलदार मोनिका तिवारी, लेखपाल अभय त्रिवेदी, प्रमोद शुक्ला के जंजालीनगला पहुंचने के समय भी गंगा से कटान हो रही थी। लोग अपने मकान तोड़ते दिखे। लोगों ने कहा कि इसी तरह बारिश होने व जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो पूरा गांव बह जाएगा।
तेजवती ने कहा कि उन लोगों को मकान के लिए जमीन मिल जाती तो टूटे मकान का मलबा वहीं ले जाते। राजस्व कर्मियों ने कहा कि बहोरनपुर टप्पाहवेली ग्राम पंचायत में आवासीय पट्टे के लिए जमीन नहीं है। दूसरी ग्राम पंचायत में जमीन देखी जा रही है।
गंगा में डूबने वाले मकान के मालिकों को प्रति परिवार 95,100 रुपये मुआवजा देने के लिए सूची बनाई गई। राम सिंह, राजाराम, रविंदर, सोनपाल, नन्हीं देवी, राजेंद्र आदि ने मुआवजा के लिए नाम लिखवाए। प्रधान प्रमोद यादव के साथ नायब तहसीलदार कूड़ा निस्तारण केंद्र में रह रहे परिवारों से समस्या पूछने पहुंचीं तो पीड़ितों ने कहा कि वह बुरे हालात में गुजर कर रहे हैं।
नायब तहसीलदार ने बताया कि मुआवजा व सूखे राशन की किट आदि के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही। कटान पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।