शमसाबाद। मवेशी पर जंगली जानवर के हमले से वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र में तेंदुआ होने की आशंका जता रहे हैं। उसे पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगा दिया गया है और टीम ने गांव में डेरा डाल दिया है।
शमसाबाद क्षेत्र के गांव नगला नान, रोशनाबाद के आसपास गांवों में तीन दिन से जंगली जानवर से ग्रामीणों में दहशत है। गुरुवार को रोशनाबाद में जंगली जानवरी ने एक बछड़े पर हमला कर उसे मार दिया था।
शुक्रवार को नगला नान में एक कुत्ते को मार दिया था।
वन विभाग के रेंजर अरुण अवस्थी, वन दरोगा राकेश तिवारी, पुलिस के साथ तीन दिन से क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी जंगली जानवर की फुटेज कैमरे में कैद नहीं हुए।
हजियापुर से रोशनाबाद, सुतहड़ी होते हुए चिलसरा तक करीब आठ किलोमीटर तक नाला गया है।
नाले के पास गीली मिट्टी में मिले पंजे के निशान और बछड़े के गले पर मिले पंजे के निशान एक हैं। उन पंजों के निशान से तेंदुआ होने की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार को टीम ने नाले के आसपास करीब तीन किलोमीटर तक कांबिंग की, लेकिन कोई जानवर नजर नहीं आया।
जानवर को पकड़ने के लिए रोशनाबाद-फर्रुखाबाद मार्ग पर सुतहड़ी गांव में नाले के पास खेत में पिंजड़ा रखा गया। इसको देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
डीएफओ पीके उपाध्याय ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।