फर्रुखाबाद। बस अड्डे के सामने डग्गामार बस में सवारियों को भरते वक्त वीडियो बनाने के दौरान बस अड्डा प्रबंधक के अपहरण का आरोपी बस मालिक थाने पहुंच गया। बस चालक और एक अन्य साथी भी पुलिस की हिरासत में बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस कुछ भी बताने से कतरा रही है।
रविवार रात बस अड्डा के सामने डग्गामार बस लगाकर सवारियां भरने में बाधक बने बस अड्डा प्रबंधक जितेंद्र सिंह गौतम को जान से मारने की नीयत से अपहरण करने, लूट, सरकारी कार्य में बाधा व एससी-एसटी एक्ट में आरोपी अंबेडकर नगर कादरीगेट निवासी बस मालिक विपिन दीक्षित मंगलवार दोपहर बाद चेहरे पर अंगौछा बांधकर एक अन्य साथी के संग कादरीगेट थाने पहुंचा। उसने पुलिस के सामने अपने आपको हाजिर कर दिया। देर शाम बस चालक समेत दो अन्य के भी थाने पहुंचने की चर्चा चोरों पर रही।
इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय ने बताया कि इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। मुकदमे की जांच सीओ सिटी कर रहे हैं, वही बताएंगे। सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने बताया कि बस मालिक के थाने पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि घटना में जो भी आरोपी हैं, उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
इनसेट
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने बैठक कर बनाई रणनीति, एआरएम को दिया ज्ञापन
इधर, रोडवेज के सभी संगठनों ने बैठक कर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया। सर्व सम्मति से योगेंद्र सक्सेना अध्यक्ष, पंकज वर्मा मंत्री व राहुल दुबे को संगठन मंत्री बनाया गया। सभी संगठनों के कर्मियों ने बस अड्डा प्रबंधक जितेंद्र सिंह के साथ हुई घटना पर आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि यह गंभीर घटना है।
दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी ही चाहिए। संयुक्त मोर्चा पुलिस की हर कार्रवाई पर नजर रखेगा। एआरएम को दिए ज्ञापन में 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी होने, बस अड्डा पर पुलिस पिकेट, सुरक्षा की जिम्मेदारी पीआरडी जवानों को देने, डग्गामारी को रोकने, बस अड्डा के एक किमी आसपास डग्गामार वाहन न आने और निजी वाहनों को बुकिंग काउंटरों को बंद कराने की मांग की गई। इसमें श्रीकृष्ण शुक्ला, गौरीशंकर, बलवीर सिंह, जरनैल सिंह यादव, कासिम खां, धीरेंद्र यादव, राघवेंद्र पाठक, मनोज शुक्ला आदि कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
घटना के बाद से ठेली वालों के हौसले भी बुलंद
रोडवेज बस अड्डा के सामने लग रहीं ठेली वालों से भी आए दिन विवाद होता रहता है। बस अड्डा प्रबंधक के साथ हुई घटना के बाद से ठेली संचालकों के भी हौसले बुलंद हैं। मनमानी इतनी हावी है कि सीओ यातायात, कादरीगेट पुलिस ने तीन दिन में तीन चार बार ठेली वालों को हटाया, मगर पुलिस के जाते ही फिर से कब्जा हो जाता है। कुछ शरारती ठेली वालों के हौसले अधिक बुलंद हैं। कभी भी एकजुट होकर अनहोनी करने की आशंका को भी बल मिल रहा है।