फर्रुखाबाद। फर्जी कर्मचारियों के नाम से खाते खोलकर वेतन के रूप में 16 लाख रुपये निकालने के मामले में पुलिस ने आरोपी कंप्यूटर आपरेटर के भाई व पिता को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में नलकूप विभाग के कैशियर को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने विभाग के कैशियर मनोज व मोहल्ला इमामबाड़ा निवासी कंप्यूटर आपरेटर फैजान के खिलाफ 16 लाख रुपये के गबन का जून में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि दोनों ने मिलकर छह फर्जी कर्मचारियों के बैंक खाते खोले और उनके वेतन के रुपये खातों में भेजकर निकालते रहे।
डीएम संजय कुमार सिंह ने गबन के सरकारी रुपये जमा कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद कैशियर मनोज व फैजान ने 11 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कर दिए। बाकी रुपये जमा न करने पर पुलिस ने सितंबर में कैशियर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रविवार को विवेचक दरोगा कमलेश कुमार ने दलबल के साथ दबिश मारी। पुलिस को देखकर फैजान घर से भाग गया। पुलिस ने उसके भाई व पिता को हिरासत में ले लिया है।
विवेचक कमलेश कुमार ने बताया कि कंप्यूटर आपरेटर की तलाश की जा रही है। पिता व भाई को हिरासत में लेकर फैजान के बारे में पूछताछ की जा रही है।