फर्रुखाबाद। राज्य परियोजना कार्यालय (सूडा) से बजट न मिलने के कारण जिला नगरीय विकास अभिकरण कार्यालय (डूडा) से नगर पालिका व नगर पंचायत में बनाई जाने वाली 84 सड़कें बनने की बाट जोह रही हैं। इनमें कई सड़कें ऐसी हैं, जिनमें काम शुरू हो गया, लेकिन बजट न मिलने से वह अधूरी पड़ी हैं। वहीं, धनराशि न मिलने से कई सड़कें तो अभी बनना ही शुरू नहीं हुई हैं।
वर्ष 2022-23 में डूडा ने मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित व मलिन बस्ती विकास योजना के तहत शहर क्षेत्र में 1.26 करोड़ की लागत से 14 और वर्ष 2023-24 में 98 लाख रुपये की लागत से 13 सड़कें स्वीकृत की थीं। मई 2023 में इन सड़कों के निर्माण कार्य के लिए सूडा से मात्र 54 लाख का बजट मिला, जिससे निर्माण कार्य तो शुरू करा दिया गया, लेकिन शेष बजट न मिलने से ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया।
इसी दौरान विभाग ने मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना और मूलभूत नगरी सुविधा एवं आवास योजना के तहत अगस्त 2023 में जनपद में 4.70 करोड़ की लागत से 57 सड़कें बनवाने के लिए बजट मंजूर कर दिया। जनवरी 2024 में लगभग 25 प्रतिशत धनराशि भी भेज दी गई।
टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई ही थी कि आचार संहिता लग गई। वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर भिजवाई गई धनराशि भी विभाग को वापस करनी पड़ी। आचार संहिता समाप्त हुए लगभग 10 दिन होने जा रहे हैं। अभी तक सूडा ने सड़कों के निर्माण के लिए धनराशि नहीं भेजी है। इससे सड़कों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।
बोले जिम्मेदार
‘सड़कों के निर्माण कार्य के लिए जल्द ही शासन को पत्र भेजकर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलते ही अधूरी पड़ी 27 सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही 57 नई सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- अतुल कुमार, प्रभारी परियोजना अधिकारी, डूडा