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57 लाख खर्च जलभराव से निजात नहीं

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फर्रुखाबाद। नगर पालिका ने नालों की सफाई में 57 लाख रुपये खर्च कर दिए, फिर भी जलभराव से निजात नहीं मिल सकी। अलीगढ़ की संस्था दो भूमिगत और एक बाहरी नाला साफ कर चुकी है। इसके बावजूद हालात यह हैं कि चंद देर की बारिश से हुआ जलभराव आफत बन जाता है।
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नगर पालिका ने दो साल पहले कछियाना से अंगूरी बाग जाने वाले भूमिगत नाले की सफाई अलीगढ़ की संस्था से 35 लाख रुपये में कराई थी। अफसरों का दावा था कि कछियाना, गंगानगर, तलैया फजल इमाम आदि मोहल्लों में जलभराव खत्म हो जाएगा। इसके बाद पालिका ने करीब आठ माह पूर्व इसी संस्था से 14 लाख रुपये में नाला मछरट्टा से पक्का पुल भूमिगत नाला साफ कराया। इसी दौरान लाल गेट से तलैया ओर जाने वाला बाहरी नाली की सफाई भी अलीगढ़ की संस्था से ही आठ लाख रुपये में कराई। इसके बावजूद जलभराव में कोई कमी नहीं आई।
सोमवार दोपहर और मंगलवार शाम को कुछ देर की बारिश से भीकमपुरा, हाता मझले खां, तलैया फजल इमाम आदि मोहल्लों की गलियों में जलभराव हो गया। इससे लोगों को कई घंटे तक आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ी।
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जाली न लगने से नालों में घुसा कूड़ा
नगर पालिका नालों की पुलियों के पास जाली लगाने की बात कह रही थी। मंशा थी कि पॉलिथीन समेत अन्य बड़ा कूड़ा इसमें रुक जाएगा। इससे आगे का नाला चोक नहीं होगा। मगर कहीं भी जाली नहीं लगाई गई। इसी वजह से बाहरी और भूमिगत नाले चंद दिनों में ही चोक हो जाते हैं। नगर पालिका इनकी नियमित सफाई नहीं करवा पाती।
‘भूूमिगत नालों की सफाई में कोई कमी नहीं है। क्षेत्रफल अधिक है और नालों की क्षमता कम। पहले ज्यादा समय तक जलभराव होता था, अब कुछ देर में ही पानी निकल जाता है।’
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-रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।
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