फर्रुखाबाद। खिलाड़ियों को जनपद स्तर पर ही खेलकूद की बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए वर्ष 2019 में स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम का उच्चीकरण करवाया गया था।
निर्माण में 5.14 करोड़ खर्च हुए थे, लेकिन अभी भी भारोत्तोलन भवन व बैडमिंटन हॉल में ताले लटक रहे हैं। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसके चलते जिस उद्देश्य से स्टेडियम का उच्चीकरण करवाया गया था, उसका लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 2019 में खेल निदेशालय ने स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम फर्रुखाबाद के उच्चीकरण के लिए 5.14 करोड़ का बजट मंजूर किया था। इसके तहत स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन हॉल, वॉलीबॉल मैदान के साथ ही अन्य निर्माण होने थे। जिला खेल विभाग को बजट आवंटित करने के साथ ही निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड निर्माण प्रखंड-कानपुर तृतीय को दी गई थी।
नवंबर 2019 में कार्य शुरू होना था और सितंबर 2020 में पूर्ण करने की अवधि थी। निर्माण कार्य सितंबर 2021 में पूर्ण हो गया, लेकिन जिला खेल विभाग को उच्चीकृत स्टेडियम वर्ष 2022 में हैंडओवर किया जा सका। भवन को बने लगभग डेढ़ साल होने के बाद भी उच्चीकृत स्टेडियम का लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा है।
अभी तक वेटलिफ्टिंग व वॉलीबॉल के खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए अन्य जनपदों में जाना होता है। स्टेडियम के उच्चीकरण के बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं स्टेडियम में ही कराए जाने से जनपद के खिलाड़ियों को आस जगी थी, कि अब उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मगर उच्चीकृत स्टेडियम में बने वेटलिफ्टिंग व बैडमिंटन हॉल के ताले न खुलने से खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी है।
जिला क्रीड़ाधिकारी कर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि उच्चीकृत भवन विभाग को आवंटित कर दिया गया है। कोच की कमी के कारण भवन को खोला नहीं जा रहा है। कोच के आवंटन को शासन और विभागीय अधिकारियों को पत्राचार कर दिया गया है। कोच आते ही भवन को खिलाड़ियों के लिए खोल दिया जाएगा।