फर्रुखाबाद। करीब 40 वर्ष पुुराने मामले में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को अंकपत्र न देने पर न्यायालय ने 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। प्रधानाचार्य व डीआईओएस के खिलाफ परिवाद निरस्त कर दिया गया।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव याकूतगंज निवासी अफसर हुसैन सिद्दीकी ने 29 सितंबर 2007 को कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया कि गांव मुरहास स्थित स्वामी राम प्रकाश आर्दश उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय से वर्ष 1982 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। परिणाम घोषित होने के बाद प्रधानाचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक से अंकपत्र की मांगा।
इस पर तत्कालीन डीआईओएस ने कहा कि अंकपत्र बोर्ड से नहीं आए हैं। अफसर हुसैन ने क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये दो प्रतिशत ब्याज सहित दिलाए जाने की याचिका दायर की।
अवर व्यवहार न्यायाधीश ने शनिवार को सुनवाई के दौरान सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को 50 हजार रुपये दो प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए। कोर्ट ने प्रधानाचार्य व डीआईओएस के खिलाफ परिवाद को निरस्त कर दिया।