फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र के गांव बेहटा निहाल में वर्ष 2013 में कटरी की 400 बीघा भूमि का 40 लोगों के नाम किया गया पट्टा निरस्त कर दिया गया। एडीएम ने सुनवाई के बाद फर्जी पट्टे की भूमि ग्राम सभा में दर्ज करा दी है। उन्होंने तहसीलदार कायमगंज को भूमि कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।
शमसाबाद के कटरी क्षेत्र के गांव बेहटा निहाल में गंगा किनारे (रेत) की भूमि पर 12 अप्रैल 2013 को 40 लोगों के नाम पट्टा किया गया था। यह भूमि रेत में दर्ज थी। तीन नवंबर 2018 को एसडीएम कायमगंज ने जांच कर करीब 400 बीघा भूमि का पट्टा निरस्त करने की संस्तुति कर दी। इस पर 26 नवंबर 2018 को जिलाधिकारी के आदेश पर वाद दायर कर पट्टाधारकों को नोटिस जारी किए गए।
इसका पट्टाधारकों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पट्टाधारकों को 11 अक्तूबर 2021 को अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। एडीएम न्यायालय में शासकीय अधिवक्ता गजराज सिंह ने बहस करते हुए पट्टा निरस्त कर भूमि ग्राम सभा में दर्ज करने की दलील दी। कहा कि गंगा (रेत) की कटरी की भूमि का आवंटन नियम विरुद्ध है।
इस पर अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने 40 ग्रामीणों के नाम पट्टा निरस्त करते हुए कटरी की भूमि ग्राम सभा में दर्ज करा दी। उन्होंने तहसीलदार कायमगंज को ग्राम सभा में भूमि का अमल दरामद करने व कब्जामुक्त कराकर पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।