फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: प्रसाद खाने के बाद 200 श्रोता बीमार

विज्ञापन
विज्ञापन
नवाबगंज। श्रीमद्भागवत कथा में प्रसाद खाने के बाद हुई फूड प्वाइजनिंग से एक ही गांव के 200 से अधिक लोग बीमार हो गए। गंभीर हालत में 80 लोगों को लोहिया अस्पताल भेजा गया। कथा में श्रोताओं के घरों से आई खीर, दूध व पंचामृत को बांटा गया था। बीमारों में महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक है। सीएमओ ने अस्पताल व गांव में पहुंचकर हालचाल जाना। स्वास्थ्य टीम ने दवा वितरित की।
विज्ञापन

क्षेत्र के गांव राजारामपुर मेई के मजरा नगला चंदेला में भागवत कथा चल रही है। बुधवार को गोवर्धन कथा का वर्णन किया गया। कथा में श्रोता अपने घरों से खीर, दूध, पंचामृत आदि प्रसाद बनाकर लाए। इसको एक ही बर्तन में एकत्रित किया जाता रहा। शाम करीब छह बजे आरती के बाद प्रसाद वितरित हुआ। श्रोता प्रसाद लेकर अपने घर चले गए। रात करीब 10 बजे कथास्थल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने उल्टी-दस्त की शिकायत की। आधा घंटे में ही गांव में काफी लोग बीमार हो गए। गांव के झोलाछाप के यहां पहुंचे, तो उसने इलाज से इन्कार कर दिया।
कथा के परीक्षित बने लज्जाराम की सूचना पर चार एंबुलेंस पहुंचीं। मरीजों की संख्या 200 से अधिक पहुंचने पर गांव में खलबली मच गई। एक साथ 24 एंबुलेंसों को लगाया गया। हालत अधिक खराब होने पर कविता, वैष्णवी, अनीता, सुखदेवी, देवकी, नीरज देवी, रत्ना देवी, रामदेवी, सुनीता, मौरश्री, आशीष कुमार, मधुबाला, नेकराम, महेंद्र कुमार, सहजल समेत 80 लोगों को लोहिया अस्पताल भेजा गया। रात करीब ढाई बजे सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने मरीजों का हालचाल जाना। गुरुवार दोपहर में गांव पहुंचकर लोगों से मिले और स्वास्थ्य टीम से दवा का वितरण कराया। बीमारों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है।
विज्ञापन

नवाबगंज। कथा के परीक्षित बने लज्जाराम ने बताया कि सार्वजनिक कथा थी। हर घर का पूरा सहयोग मिल रहा था। श्रोताओं में महिलाओं की संख्या अधिक होती थी। प्रसाद खाने के बाद सब कुछ ठीक-ठाक रहा। मगर उल्टी दस्त की पहली सूचना के बाद आधा घंटे में ही बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए। यह नहीं कहा जा सकता कि किसके यहां से खराब प्रसाद आ गया। बर्तन भी धो दिए गए।
कथा पंडाल में रोजाना दिन भर दिखने वाली रौनक गुरुवार को नहीं दिखी। घटना के बाद से पंडाल में सन्नाटा पसरा रहा। मैनपुरी के भोगांव से आए कथाव्यास एक भक्त के यहां रुके हैं। बताया कि भगवान की कथा सबके कल्याण के लिए होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें