हरदोई। बैराजों से छोड़े गए 3.60 लाख क्यूसेक पानी से गंगा के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी पांच सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। गंगा का पानी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर 135.30 मीटर पर पहुंच गया है। इससे कटरी क्षेत्र के ग्रामीणों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। वहीं, रामगंगा के पानी में 20 सेमी. और गर्रा नदी के पानी में 10 सेमी. की कमी आइ है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा नदी के पानी में अब बढ़ोतरी जारी है। तीसरे दिन भी जलस्तर में हुई वृद्धि से प्रभावित गांवों के लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। बिलग्राम क्षेत्र के चिरंजीवपुरवा, मक्कूपुरवा, कटरी परसोला आदि गंगा नदी के किनारे के गावों के पास तक पहुंचने लगा है। चिरंजीवपुरवा में घरों में पानी भरा हुआ है।
राजघाट जाने वाले मार्ग के डिप पर पानी बढ़ गया है। इससे लोगों को समस्या सामना करना पड़ रहा है। पानी खेतों तक पहुंच जाने से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। खेतों में पानी भरा होने के साथ तेज धूप में गरम होने से फसलें पीली पड़ने लगी हैं। पशुपालकों के चारा की भी समस्या हो रही है।
बैराजों से गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 84,349 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 1,11,553 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,55,238 क्यूसेक पानी और रामगंगा नदी में खो बैराज से 8134, हरेबली बैराज से 351 और रामनगर बैराज से 830 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि रामगंगा और गर्रा नदी में पानी कम होने से सवायजपुर क्षेत्र में स्थिति ठीक हो रही है। बिलग्राम के कटरी क्षेत्र में गंगा नदी का पानी बढ़ा है। बिलग्राम एसडीएम को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।