जहानगंज। भाई का हत्यारोपी गिजेंद्र सिंह उर्फ राजू 18 वर्ष पहले दोहरे हत्याकांड को अंजाम दे चुका है। इस मामले में समझौता हो चुका है। लेकिन उसके गुस्सैल स्वभाव के कारण ग्रामीण कम ही बात करते हैं।
गांव रूनी चुरसई निवासी शैलेंद्र का गांव के लोगों से जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। वर्ष 2005 में भाई गिजेंद्र सिंह उर्फ राजू ने गांव के जगपाल कठेरिया व रामनिवास की पत्नी लक्ष्मी देवी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जगपाल के परिजनों ने गिजेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस घटना के बाद से शैलेंद्र मां मुन्नी देवी, ताऊ रामविलास चौहान व भाई पूणेंद्र सिंह चौहान के साथ फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा में आकर रहने लगे। दोहरे हत्याकांड में समझौता होने के बाद वह गांव में पहुंच गए। मुख्य मार्ग पर उनका मकान बना है। मकान के बाहर दुकानों में शैलेंद्र का शराब का ठेका है। अन्य दुकानें भी किराए पर उठी हुई है। दुकानों का भाइयों में बंटवारा हो चुका है। गिजेंद्र सिंह चौहान गुस्से में कई बार पहले भी गांव के लोगों पर हमला कर चुका है। ऐसे में गांव के लोग भी उससे कुछ कहने में डरते थे।
देशी व अंग्रेजी शराब के कई ठेके है पत्नी के नाम
शैलेंद्र सिंह चौहान की पत्नी रेखा के नाम पर कई देशी, अंग्रेजी शराब के ठेके हैं। वर्ष 2017 में जहानगंज पुलिस ने शैलेंद्र सिंह सहित कई लोगों को हरियाणा की शराब सहित पकड़कर जेल भेजा था। इस मामले में शैलेंद्र जमानत पर बाहर चल रहे थे। इस घटना से पहले शैलेंद्र के नाम पर शराब के ठेके थे।
पिता ने गोली मारकर कर ली थी आत्महत्या
रूनी चुरसई निवासी रामकिशोर चौहान ने कई वर्ष पहले गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके तीन पुत्र शैलेंद्र सिंह चौहान (50), पूणेंद्र सिंह चौहान, गिजेंद्र उर्फ राजू चौहान का मां मुन्नी देवी व शिक्षक ताऊ रामविलास चौहान ने पालन पोषण किया था। भाई पूणेंद्र सिंह चौहान अमेरिका में परिवार सहित रहता है। तीनों भाइयों में जमीन का बंटवारा हो चुका है। शैलेंद्र पत्नी व बच्चों के साथ फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गीतापुरम कालोनी में रहते हैं। उनकी बेटी नेहा की शादी हो चुकी है। पत्नी रेखा, पुत्री गरिमा व पुत्र अर्जुन वहां रहते हैं। घटना की जानकारी पर मां व पत्नी सहित बच्चों का हाल बेहाल हो गया।
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