फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों में छात्र नामांकन में फर्जीवाड़ा रोके जाने के लिए शासन यू-डायस प्लस पोर्टल पर स्टूडेंट प्रोफाइल फीड करवा रहा है। वर्ष 2023-24 के फीड छात्र-छात्राओं के आधारकार्ड सत्यापन में अभी तक लगभग 15,210 विद्यार्थियों के आधारकार्ड सत्यापित ही नहीं हुए हैं। वहीं 15827 बच्चों के आधारकार्ड बने ही नहीं हैं। विभागीय अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि अभी सत्यापन का कार्य चल रहा है। आधारकार्ड भी बनाए जा रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में छात्र नामांकन में फर्जीवाड़ा रोके जाने के लिए शासन ने यू-डायस प्लस पोर्टल लॉंच किया है। इस प्रोर्टल पर स्टूडेंट प्रोफाइल के तहत छात्र का सत्यापित आधारकार्ड नंबर भी अपलोड करना होता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2023-24 में यू-डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट प्रोफाइल में जनपद में अभी भी 15,827 छात्र-छात्राओं का आधारकार्ड अपलोड नहीं हैं।
इसके साथ ही 10,592 विद्यार्थियों के आधारकार्ड का सत्यापन होना बाकी है। वहीं, 15,210 बच्चों के आधारकार्ड अभी तक सत्यापित नहीं किए गए हैं। यह हाल तब है, जब शासन यू-डायस पोर्टल पर बच्चों का डाटा फीड करने पर ज्यादा जोर दे रहा है। जनपद में छात्र-छात्राओं के आधारकार्ड का शत-प्रतिशत सत्यापन करने में लापरवाही बरती जा रही है।
बीआरसी में आधार बनाने की मशीनें बंद
नए नामांकन के दौरान जिन बच्चों के आधारकार्ड नहीं हैं, उनके लिए प्रत्येक बीआरसी में आधारकार्ड मशीनें लगाई गई हैं। मगर मौजूदा समय में मशीनें बंद पड़ी हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि स्कूल खुलते ही बच्चों के आधारकार्ड बनाने शुरू किए जाएंगे।
कहीं फर्जी तो नहीं हैं 15,210 बच्चे
अभी तक बिना आधारकार्ड के ही बच्चों के प्रवेश परिषदीय विद्यालयों में हो जाते थे। इसका लाभ अभिभावकों के साथ ही शिक्षक भी उठाते थे। अभिभावक मिडडे मील व यूनीफार्म आदि सरकारी इम्दाद पाने के लिए बच्चे का प्रवेश सरकारी स्कूल में कराने के साथ ही उन्हें निजी स्कूल में भेजते थे। वहीं, शिक्षक कंपोजिट ग्रांट अधिक मिले, इसलिए बच्चों का प्रवेश कर लेते थे। क्योंकि छात्र संख्या के आधार पर ही कंपोजिट ग्रांट निर्धारित है।
सरकार ने इसी फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए यू-डायस प्लस पोर्टल व्यवस्था लागू की। जनपद में 15210 बच्चों के आधारकार्ड अभी तक सत्यापन नहीं हुए हैं। इससे इन बच्चों का फर्जी नामांकन किए जाने को बल मिल रहा है।
यू-डायस प्लस पोर्टल पर स्टूडेंट प्रोफाइल में बच्चों का सत्यापित आधारकार्ड नंबर फीड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन बच्चों के आधारकार्ड नहीं बने हैं, उनके बनाए जाने के निर्देश हैं। इसके लिए हर ब्लाॅक में आधार कार्ड मशीनें लगी हैं। 15,210 छात्र-छात्राओं का आधार सत्यापन कराया जा रहा है। हो सकता है कि आवेदन के दौरान स्पेलिंग व आधार नंबर आदि गलत पड़ गया हो।
- गौतम प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी