फर्रुखाबाद जिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एमएलसी प्रांशु दत्त द्विवेदी के खिलाफ 13 साल पूर्व दर्ज मुकदमा वापस लेने की अनुमति सरकार को दे दी है। प्रदेश सरकार की ओर से मुकदमा वापस लेने की कार्रवाई के तहत कोर्ट में प्रांशुदत्त द्विवेदी की ओर से अर्जी दायर की गई थी।
वर्ष 2009 में रेलवे रोड स्थित पंडाबाग मंदिर से महाकाल मंदिर तक हिंदू जागरण यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा में हिंदुओं को शामिल होने के लिए प्रांशुदत्त द्विवेदी ने पंपलेट छपवा कर कई जगह लगवाए थे। इसकी शिकायत पर तत्कालीन शहर कोतवाल विजय कुमार मिश्रा ने शहर में जगह-जगह चेकिंग की।
उनको पंपलेट लगे हुए मिले थे। इन पंपलेट से अल्पसंख्यक समुदाय के लागों की भावनाओं को आहत कर विद्रोह फैलाने के आरोप में प्रांशु दत्त द्विवेदी समेत अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्तमान में प्रांशु दत्त द्विवेदी भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी हैं। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2009 में प्रांशु दत्त द्विवेदी के खिलाफ लिखे गए इस मुकदमे को वापस लेने की कवायद शुरू कर दी।
शासन से आए आदेश के आधार पर अभियोजन की ओर से सीजेएम कोर्ट में मुकदमा वापस लिए जाने संबंधी अनुमति लिए जाने के लिए अर्जी दायर की गई। सुनवाई के बाद सीजेएम ने प्रांशुदत्त द्विवेदी के खिलाफ दर्ज मुकदमा को वापस लेने की प्रदेश सरकार को अनुमति दे दी है।