माफिया अनुपम सहित चार के खिलाफ गैंगस्टर के मुकदमे में विवेचक ने पूरक चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। वकील सहित सात के खिलाफ विवेचना जारी है। विवेचक ने 1135 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
तत्कालीन शहर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला ने 13 नवंबर 2011 को फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे, पचास हजार का इनामी फरार भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, शहर कोतवाली के मोहल्ला वृंदावन वाली गली निवासी अभिषेक रस्तोगी उर्फ सोनू रस्तोगी, पंकज रस्तोगी के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे की विवेचना मऊदरवाजा एसओ आमोद सिंह कर रहे हैं। विवेचक ने 6 नवंबर को कोर्ट में पूरक गैंगचार्ट जिसमें शहर कोतवाली के मोहल्ला नवाब न्यामत खां निवासी वकील विनय दुबे, मोहल्ला बागकूंचा महावीरगंज निवासी संदीप पाठक उर्फ अक्कू पाठक, मोहल्ला बूरा वाली गली निवासी गौरव गुप्ता, मोहल्ला कटरा बू अली खां निवासी देवेंद्र मिश्रा उर्फ डब्बू मिश्रा, मोहल्ला घेरश्यामू खां निवासी अभिषेक उर्फ अभि दुबे, मोहल्ला वृंदावन वाली गली बागकूंचा निवासी गौरव उर्फ रज्जू, घूंघट पैलेस के पास के निवासी होटल मालिक संदीप दुबे का नाम शामिल कर दाखिल किया।
विवेचक ने अनुपम और उनके परिजनों की 113 करोड़ की संपत्ति, 65 अचल संपत्ति,14 वाहन, चालीस खातों को कुर्क किया। 16 अक्तूबर को एसपी विकास कुमार की अगुवाई में अनुपम का होटल गिरवाया गया। शासन में पत्राचार कर अनुपम को माफिया घोषित करवाकर डी 47 गैंग पंजीकृत कराया गया।
गैंग में भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन भी शामिल है। माफिया के खिलाफ गंभीर धाराओं के 63 मुकदमे दर्ज है। गुरुवार को विवेचक ने अनुपम दुबे, भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, पंकज रस्तोगी, अभिषेक रस्तोगी के खिलाफ 1135 पन्नों की पूरक चार्जशीट गैंगस्टर कोर्ट में दाखिल की। अन्य सात के खिलाफ विवेचना जारी है। विवेचक आमोद सिंह ने बताया कि माफिया की अन्य संपत्तियों को ध्वस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। अन्य आराेपियों की संपत्ति के बारे में पता लगाया जा रहा है।