फर्रुखाबाद। राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के बेड़े में बसों की संख्या कम होती जा रही है, जबकि अनुबंधित बसें लगाने में देरी की जा रही है। 89 में 11 बसें कंडम हो चुकी हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
कंडम बसों को नीलाम करने के लिए कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। ऐसे में यात्रियों को सुविधा देने के लिए डेढ़ माह पूर्व चिह्नित किए गए फर्रुखाबाद-बदायूं, फर्रुखाबाद-कायमगंज-अलीगंज-एटा, फर्रुखाबाद-नवाबगंज-अलीगंज-एटा, फर्रुखाबाद-इटावा और फर्रुखाबाद-बरेली, फर्रुखाबाद-कायमगंज-कंपिल होते हुए सिवारा तक अनुबंधित बसें चलाने की कार्य योजना तैयार की थी। इन मार्गों पर 52 सीट वाली 10-10 बसें चलाई जानी हैं।
यही नहीं डिपो ने दो अन्य मार्गों का भी शीघ्र सर्वे करने की बात कही थी।
इनमें फर्रुखाबाद से कायमगंज-कंपिल-अटैना होकर बदायूं और फर्रुखाबाद से नवाबगंज, अचरा, सराय अगहत के रास्ते संकिसा तक बसें चलाने की योजना थी।
मगर अभी तक एक भी अनुबंधित बस नहीं चलाई जा सकी। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
‘निजी बस मालिकों से अनुुबंध की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल पांच लोगों ने आवेदन किए हैं। इच्छुक लोगों से अनुबंध पत्र मांगे गए हैं। पूरी कार्रवाई क्षेत्रीय कार्यालय इटावा में की जाएगी।’
-आरसी यादव, एआरएम, फर्रुखाबाद डिपो।