अयोध्या। रौनाही थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विधवा के साथ अश्लील हरकत करने और उसे मारने पीटने के मामले में कोर्ट ने युवक को दोषी पाते हुए मंगलवार को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने उसे दलित उत्पीड़न में भी दो साल की सजा सुनाई। युवक पर 2000 जुर्माना भी हुआ है। जुर्माने की राशि में से 1000 रुपये विधवा को देने का आदेश हुआ है। यह आदेश मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अमित कुमार पांडेय की अदालत से हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रोहित पांडेय व एससी-एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक नरसिंह नारायण उपाध्याय ने बताया कि घटना 2 जुलाई 2003 की है। रौनाही थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विधवा ने कमलेश यादव के खिलाफ ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा करने खुद का मार्ग अवरुद्ध कर देने, सामान तोड़फोड़ डालने की शिकायत अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति आयोग से की थी।
इस शिकायत से नाराज होकर कमलेश ने घटना वाली रात उसके घर में घुसकर उससे अश्लील हरकत की और विरोध करने पर मारापीटा था। उच्चाधिकारियों के आदेश पर केस दर्ज हुआ, विवेचना करके पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कमलेश को दोषी पाते हुए सजा दी। संवाद