अयोध्या। छुट्टा जानवरों से धान की फसल बचाने के लिए खेत के चारों तरफ तार से की गई बैरिकेडिंग में प्रवाहित करंट की चपेट में आने शनिवार सुबह एक युवक की मौत हो गई। मृतक बेहद गरीब था और तीन माह पूर्व उसकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है। अब उसकी मौत से तीन छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए।
वहीं, घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया व शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। दोपहर तीन बजे शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर विद्युत उपकेंद्र बीकापुर पर प्रदर्शन करने के लिए जाने लगे। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उचित मुआवजे का आश्वासन देकर आक्रोशित लोगों को शांत कराया व शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के केवटहिया रुरुखास ग्राम पंचायत निवासी रमेश निाद (38) पुत्र राम कलप निषाद पड़ोसी गांव मगन का पुरवा चंदीपुर नगहरा के पास शनिवार सुबह किसी काम के लिए खेत में गया था। वह खेत के मेड़ से गुजर रहा था। तभी मगन का पुरवा निवासी एक व्यक्ति द्वारा खेत में तार की बैरिकेडिंग में लगाए गए करंट की चपेट में आकर रमेश निषाद की मौत हो गई।
जिस खेत में तार की बैरिकेडिंग में करंट प्रवाहित हो रहा था, वह खेत मगन का पुरवा निवासी मनोरम यादव का बताया जाता है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करना शुरू कर दिया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया।
सूचना मिलते ही बीकापुर कोतवाली पुलिस के अलावा इनायतनगर थाना तथा शाहगंज चौकी की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। कई घंटे चले मान-मनौव्वल के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। लोगों ने पावर कॉर्पोरेशन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कर्मियों पर कार्रवाई व पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इसी बीच प्रधान प्रतिनिधि राजेश गौड़, निषाद पार्टी के जिलाध्यक्ष आसाराम निषाद, सर्वादीन निषाद सहित निषाद समुदाय के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
वहीं, बात न बनने पर दोपहर तीन बजे ग्रामीण शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखकर बीकापुर विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन करने के लिए निकल पड़े। सूचना मिलने पर एसडीएम बीकापुर दिग्विजय सिंह, प्रभारी एसपी ग्रामीण विजयपाल सिंह, सीओ मिल्कीपुर जयप्रकाश सिंह, एसडीओ मनोज कुमार मौर्य, बीकापुर कोतवाल इंद्रेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया।
घंटों मशक्कत के बाद एसडीएम ने मृतक के आश्रितों को आवासीय पट्टा, किसान दुर्घटना बीमा, पारिवारिक बीमा योजना का लाभ देने का आश्वासन दिया। वहीं पावर कॉर्पोरेशन के एसडीओ ने लापरवाही बरतने वाले विद्युत कर्मियों और खेत में करंट लगाने वाले किसान पर केस दर्ज कराने कर आश्वासन दिया तब जाकर आक्रोशित लोग माने। इसके पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बीकापुर कोतवाल इंद्रेश यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान प्रतिनिधि राजेश गौड़ ने बताया कि मृतक रमेश निषाद तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था, सभी भाई अलग रहते हैं। मृतक रमेश बहुत गरीब था। वह मजदूरी करता था। उसकी पत्नी की बीमारी के चलते तीन माह पूर्व मौत हो चुकी है। उसके एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। रमेश की मौत से उसके बच्चे अंशिका (14), सचिन (11) व रुचि (09) अनाथ हो गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।