अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को लाखों श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त से ही शुरू हुआ स्नान का सिलसिला पौ फटने के साथ प्रगाढ़ होता गया। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने रामलला, हनुमानगढ़ी, कनक भवन समेत अन्य मंदिरों में दर्शन पूजन भी किया।
इसी के साथ ही सप्ताह भर से चल रहा कार्तिक पूर्णिमा मेला भी संपन्न हो गया। वहीं, इस बार अयोध्या विवाद पर आए फैसले के चलते अयोध्या की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही।
6 नवंबर को चौदहकोसी परिक्रमा के साथ आरंभ हुए कार्तिक पूर्णिमा मेले के अंतिम पर्व पर स्नान-दान व दर्शन-पूजन के लिए पूर्व संध्या से ही रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी।
मंगलवार भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला सरयू के स्नान घाटों पर जुटने लगा। श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाई और गोदान की परंपरा का भी निर्वहन बढ़-चढ़कर किया। पौराणिक महत्व की पीठ नागेश्वरनाथ में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक-पूजन किया।
हनुमानगढ़ी, वैष्णव परंपरा की आस्था के केंद्र में रहने वाला कनकभवन, रामजन्मभूमि आदि मंदिर पर सुबह से दर्शनार्थियों की कतार रही। स्नान-दान व दर्शन पूजन के बाद दूसरी बेला लगने के साथ ही मेलार्थियों की मेला क्षेत्र से घर वापसी का दौर भी शुरू हो गया। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन यात्रियों की भीड़ जमा रही।