जिला महिला अस्पताल के मेडिसिन स्टोर में बडे़ पैमाने पर दवाओं की हेराफेेरी पकड़ी गई है। सीएमओ के निरीक्षण में दवाओं का स्टॉक नहीं मिला। इस दौरान सीएमओ ने घंटों पड़ताल की है। इसमें अस्पताल में 10 कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए, जिसमें पांच एनआरएचएम के हैं।
सीएमओ ने ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार सुबह आठ बजे जिला महिला अस्पताल पहुंचे तो वहां हड़कंप मच गया। अधिकतर कर्मचारी ड्यूटी से नदारद थे।
अस्पताल कर्मचारी अपने साथियों को फोन पर फौरी तौर पर आने का संदेश देते रहे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में सबसे अधिक खामियां सफाई की रही। चारों ओर गंदगी फैली रही। और तो और लेबर रूम तक गंदा पड़ा था।
इस पर सीएमओ ने अस्पताल कर्मचारियों को फटकार लगाई। कहा कि ऐसे ही रहता है, लेबर रूम। अस्पताल की दीवारों में सीलन आ रहा है। इससे मरीजों को संक्रमण होने का खतरा है। अस्पताल में जाले लगे रहे। ऑपरेशन थिएटर भी पूरी तरह से दुरुस्त नहीं मिला।
पीपी ओटी में भी ठीक नहीं पाई गई। सीएमओ के हर निर्देश पर महिला सीएमएस सुधार किए जाने की बात कहती रहीं। सीएमओ ने बताया कि दवा किस तिथि में कितनी दवा आई। इंडोर और ओपीडी में कितनी मात्रा में दवा भेजी गई इसका स्टॉक मेंटेन नहीं था।
इसकी जांच की गई है। पूरा ब्योरा सामने आने पर गड़बड़ी करने वालों की जिम्मेदारी फिक्स कर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में तीन स्टाफ नर्स, दो फार्मासिस्ट, एक महिला चिकित्सक और चार एनआरएचएम के कर्मचारी अस्पताल में अनुपस्थित पाए गए। इन सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।