गंभीर हालत में एंबुलेंस से सीएचसी पर आई एक वृद्धा ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। आरोप है कि अस्पताल में महिला तड़प रही थी और चिकित्सक अपने आवास पर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे थे। डॉक्टर आए तो महिला को मृत घोषित करने के बजाए, जिला अस्पताल रेफर कर दिए।
परिवारीजनो को लगा कि महिला जीवित नहीं है, तो हंगामा करना शुरू कर दिया। इस बाबत परिवारीजनों ने सीएमओ से शिकायत की है। सीएचसी कांछा बाजार पूरे महादेव का पुरवा निवासी चमेली देवी (70) पत्नी शिव पलझन राय शाम चार बजे सीने में दर्द हुआ तो परिवारीजन एंबुलेंस से मरीज को लेकर सीएचसी पहुंचे।
महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट गिरधारी लाल ने इमरजेंसी पर तैनात डॉ. सतीश चंद्रा को फोन से बताया, लेकिन वह नहीं आए। काफी समय बीत जाने के बाद जब वह अस्पताल आए तो महिला मर चुकी थी। उसके बाद चिकित्सक ने हाथ लगाया और फौरी तौर जिला अस्पताल के लिए चमेली को रेफर कर दिया।
मरीज के शरीर में किसी प्रकार की हरकत नहीं होने पर परिवारीजनों को संदेह हुआ। डॉक्टर के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर की कारस्तानी की शिकायत परिवारीजनों ने सीएमओ से की है।
मृत महिला को रेफर करने के बाबत डा. सतीश चंद्रा का कहना है कि मरीज का शरीर गर्म था, इसलिए रेफर कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पल्स नहीं चल रही थी। सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।