माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेयपुर) के 49वां जनपदीय सम्मेलन में गुरुवार को तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए सर्वसम्मति से संघर्ष करने का ऐलान हुआ।
पांच फरवरी से जिला स्तर पर और 12 फरवरी को लखनऊ में प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि आंदोलन के क्रम में बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार जरूरी हो गया है।
राजकरण वैदिक इंटर कॉलेज में गुरुवार को हुए सम्मेलन में संस्कृत व माध्यमिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्षा श्वेता सिंह ने कहा कि शिक्षक समस्याओं के निदान के लिए सदैव तत्पर रहूंगी।
वरिष्ठ प्रादेशिक उपाध्यक्ष बीएस त्रिवेदी ने कहा कि, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए प्रत्येक जिले में पांच फरवरी को आंदोलन शुरू होगा, जिसमें डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा।
इसके बाद 12 फरवरी को लखनऊ में प्रदर्शन होगा। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तिलकधारी सिंह ने कहा कि बेहतर समाज व सशक्त राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, उनकी समस्याओं और उनकी मांगों पर सरकार चुप्पी साधे है।
मांग-मनुहार बहुत हो चुकीं, अब आंदोलन की जरूरत है। आंदोलन के क्रम में बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार जरूरी हो गया है, तभी हमारे स्वर सत्ता के कानों तक पहुंचेंगे।
संयुक्त शिक्षा निदेशक फैजाबाद व देवीपाटन मंडल क्रमश: कमला सिंह चौहान व उदयराज ने भी शिक्षकों के विनियमितीकरण में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
प्रदेश उपाध्यक्ष शेरबहादुर सिंह, उदयपाल सिंह और एसएन सिंह ने सरकार के उपेक्षात्मक रुख पर चिंता व्यक्त की। सम्मेलन में डॉ. एमएम सरकार, नलिनी जेम्स, आरके सिंह, एसजे मिश्र, सीएस सिंह को शिक्षा के प्रति उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र बहादुर सिंह, सुशील सिंह, दान बहादुर सिंह, घनश्याम तिवारी, अरविंद सिंह, डीपी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।