काली पूजा कर रही महिलाओं पर रविवार सुबह अराजक तत्वों ने पथराव कर दिया। हमले में एक महिला घायल हो गई। 12 महिलाओं को मामूली चोट आईं हैं। इसके बाद दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। मौके से 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गोसाईगंज के महावत का पुरवा में खलिहान की सार्वजनिक भूमि पर पीपल के पेड़ के नीचे प्राचीन काली माई का चौरा स्थित है। इसके आसपास लोग कब्जा कर गंदगी का ढेर भी लगा दिए। कुछ लोगों ने नाली का निर्माण भी करा लिया।
तीन दिन पूर्व प्रधान के पति विनोद कुमार ने दोनों समुदायों के लोगों के साथ बैठकर खलिहान की भूमि से कब्जा हटाने को कहा था, लेकिन किसी ने कब्जा नहीं हटाया। रविवार सुबह करीब नौ बजे गांव की करीब 24 महिलाओं ने काली मां की मूर्ति स्वरूप मिट्टी का हाथी व घोड़ा रखकर पूजन शुरू किया तो कुछ अराजक तत्व आक्रोशित हो उठे।
उन्होेंने महिलाओं पर ईंट-गुम्मा और पत्थर से हमला कर दिया। महिलाएं जान बचाकर भागीं। हादसे में श्यामकली (65) घायल हो गई। जबकि कई महिलाओं को मामूली चोटें आई है। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आकर हिंसा पर उतारू हो गए।
सूचना पर पहुंची डायल-100 की टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आलाधिकारियों को फोन किया। इसके बाद महराजगंज व गोसाईगंज थाना पुलिस के साथ सीओ, एसडीएम, एसपी ग्रामीण, एसएसपी- प्रभारी डीएम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
हालात नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठियां बरसानी पड़ी, इसके बाद उपद्रवियों को मौके से खदेड़ा जा सका। 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति पर नियंत्रण के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस व अधिकारी मौजूद हैं।
सीओ सदर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मूर्ति स्वरूप हाथी रख कर पूजन करने से विवाद बढ़ा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। एसडीएम सदर रमेश रंजन ने बताया कि ग्रामसभा की भूमि की पैमाइश कराकर अवैध कब्जा को जेसीबी से हटाया गया है। जिसके बाद बैरीकेडिंग कराई जाएगी।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि रात में किसी ने परंपरा से हटकर घोड़े और हाथी रख दिए। जबकि तीन दिन पूर्व नाली और अवैध कब्जा हटाने के लिए समझौता हुआ था। नाली न हटने के कारण विवाद हुआ। स्थिति सामान्य है। एसपी देहात कुलदीप नारायण का कहना है कि मौके पर रखी गई हाथी-घोड़ा हटा दी गई है। नई परंपरा नहीं होने दी जाएगी।