अयोध्या। अधिवक्ता ने पांचवीं मंजिल तक सीढ़ियों से जाने में असमर्थता जताई तो जज साहब कोर्ट ही नीचे ले आए। मामले की सुनवाई की और वापस चले गए। न्यायाधीश के इस काम की सभी अधिवक्ता और वादकारियों ने सराहना की।
जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञानेश चंद्र त्रिपाठी तथा सुभाष चंद्र तिवारी ने बताया कि पूराकलंदर थाना क्षेत्र के दुष्कर्म के एक मामले में उपनिरीक्षक मार्कंडेय सिंह गवाही देने के लिए हरदोई से आए थे।
बरसात अधिक होने के कारण कोर्ट में बिजली नहीं आ रही थी। जिससे सभी अदालतों में अंधेरा हो गया और लिफ्ट चलना भी बंद हो गई थी। ऐसे में अधिवक्ता केके सिंह ने खराब स्वास्थ्य के चलते सीढ़ियों से पांचवीं मंजिल तक जाकर गवाही करा पाने में असमर्थ जताई।
इसकी जानकारी जब फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज नरेंद्र नाथ त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतर कर भूतल पर दिन की रोशनी में अदालत लगाई और गवाही करवाई। उनका यह उदारवादी रवैया पूरी कचहरी में चर्चा का विषय हुआ है।