भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से इस बार चैत्रशुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2076 यानि भारतीय नववर्ष मनाने को लेकर संतों ने नई व्यवस्था तय है। इसके तहत सरयू में स्नान कर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर आरती के साथ नए साल का स्वागत होगा।
पावन बेला पर संपूर्ण समाज से भगवा पताका लेकर अर्घ्य देने, दीपदान, मंदिरों, चौराहे पर तिलक लगाकर अभिनंदन, होर्डिंग, बैनर के माध्यम से उत्सव का रूप देने का आह्वान किया गया है। कहा गया है कि हमें भारत को ज्ञान-विज्ञान के साथ फिर उसी गौरव एवं प्रतिष्ठा के साथ विश्व गुरू के महान सिंहासन पर आरूढ़ करने हेतु संकल्पित होना होगा।
रामनगरी में नववर्ष की पूर्व संध्या 5 अप्रैल से रामकोट की परिक्रमा के साथ शुरू होगा। इस बार श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में भारतीय नववर्ष चेतना समिति बनाई गई है। इस समिति ने नववर्ष 6 अप्रैल को मनाने के लिए नई व्यवस्था जारी की है।
समिति के संयोजक महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय नववर्ष के गौरव को फिर प्राप्त करने के प्रयत्न स्वरूप चैत्रशुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2076 (6 अप्रैल) को सुबह 5 बजे सरयू आरती घाट पर रामनगरी में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर हिंदू नववर्ष का स्वागत किया जाएगा।
शाम 5 बजे अवध विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में संगोष्ठी व सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन है। तिवारी मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महंत तिवारी ने बताया कि संगोष्ठी श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के पावन सानिध्य व कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित के अध्यक्षता में होगी।
इस आयोजन के अतिरिक्त संपूर्ण जनपद में छोटे-छोटे अन्य कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत संपूर्ण समाज से भारतीय नववर्ष की पावन बेला पर अपने स्तर से भगवा पताका, दीपदान, सूर्य को अर्घ्य, मंदिरों, चौराहे पर तिलक लगाकर नववर्ष अभिनंदन, होर्डिंग, बैनर के माध्यम से इस दिन को उत्सव का रूप देने का आह्वान किया जा रहा है।
बताया कि नयाघाट बंधा तिराहा, तुलसी उद्यान, हनुमानगढ़ी, कनकभवन मंदिर, रानोपाली, एलआईसी आफिस के सामने, चैक बजाजा, रिकाबगंज, जिला अस्पताल, नाका हनुमानगढ़ी, रोडवेज गांधी पार्क, रेलवे स्टेशन फैजाबाद सहित अन्य स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इस दौरान योगाचार्य डॉ.चैतन्य, प्रधानाचार्य अवनि कुमार शुक्ल सहित अन्य मौजूद रहे।