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मौसम की मार से दिमागी बुखार का कहर

Tue, 28 Jul 2015 12:02 AM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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बच्चों में जो लक्षण दिख रहे है वह दिमागी बुखार जैसा है। उन्हें झटके और मुंह में गाज तक आ रहे हैं। फिलहाल चिकित्सक बीमार बच्चों के सिर पर नियमित रूप से पट्टी करने के साथ उन्हें सघन चिकित्सा के जरिए ठीक करने में लगे हैं।
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अस्पताल में बुखार से पीड़ित जिन बच्चों को भर्ती किया गया है, उन बच्चों की भर्ती पंजिका पायरेक्शिया दर्ज है। इसके अलावा डायरिया पीड़ितों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है।

जिला अस्पताल आने वाले बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण दिख रहे हैं। बच्चों को बुखार आने के साथ-साथ सिर दर्द और गर्दन में अकडन भी है। तेज बुखार होने पर बच्चों को झटका आने के साथ-साथ उल्टी भी हो रही है। यही बुखार परिवारीजनों को चिंता में डाल दे रहा है।
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जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में पूरेकाशीनाथ हरिपुर जलालाबाद निवासी महेश यादव का सात वर्षीय पुत्र शरद को सिर दर्द के साथ तेज बुखार शुरू हुआ। कुछ ही देर बाद उसे झटके आने लगे। उल्टी भी हुई।

रविवार दोपहर जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया। सोमवार तक भी बुखार नहीं उतरा। बच्चे के सिर पर नियमित रूप से ठंडे पानी की पट्टी की जा रही है।

कुमारगंज क्षेत्र के पातूपुर निवासी राजेश का डेढ़ वर्षीय पुत्र भी पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती है। उसे भी झटका आ रहा था। शहर के अमानीगंज मोहल्ला निवासी अनिल के सात माह के पुत्र शिवम को भी डायरिया होने के साथ तेज बुखार हुआ है।

अंबेडकरनगर जिले के इब्राहिमपुर निवासी सोनी (12) और हनुमतनगर के आदर्श तिवारी (2) को भी दिमागी बुखार होने पर बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है। वार्ड में मो. इसराइल (11) पुत्र मो. ईदू, जान्ह्वी (3) पुत्री रामबरन, शमा(12) पुत्री मो. इदरीश को उल्टी-दस्त होने पर जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है।

बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मौसम में बदलाव की वजह से बच्चों को तेज बुखार आ रहा है। यही कारण है कि तेज बुखार हा आ रहा है। अभी तक बरसात अधिक नहीं हुई है।

इसलिए जापानी इंसेफलाटिस होने की संभावनाएं बहुत कम है। लेकिन बारिश और धूप का बार-बार कहर खतरनाक है। अस्पताल में जो बच्चे हैं उनका इलाज के साथ साथ निगरानी भी रखी जा रही है। 
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