फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टंकियां नहीं भरने से पेयजल संकट

Sun, 10 Apr 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
विज्ञापन
खराब पड़ी पानी की टंकी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अयोध्या-फैजाबाद नगर पालिका क्षेत्र व दूसरे निकायों में प्राधिकरण, आवास विकास तथा जल निगम के करीब 50 ओवरहेड टैंक ठूंठ खड़े हैं। कौशलपुरी फेज-एक, दो, बीकापुर, भदरसा सहित कई क्षेत्रों में बनने के बाद से ओवरहेड टैंक में पानी नहीं भरा जा रहा है। नगर पालिका फैजाबाद को हाल ही में मिलीं पांच टंकियाें में से किसी की हालत अच्छी नहीं है।
विज्ञापन


ऐसे में टंकियां भरने के बजाय नलकूपों से सीधे पानी सप्लाई हो रही है। चूंकि नलकूप सुबह-शाम ही चलते हैं, ऐसे में इनके बंद होते ही पानी की किल्लत हो जाती है। शहर में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 130 लीटर पानी की जगह 90 लीटर आपूर्ति ही होने के दावे किये जा रहे हैं। जबकि शहर समेत कस्बों में जलनिगम की ओर से लगाई गईं टंकियों की हालत खस्ता है।

कई स्थानों पर स्थिति ये है कि लोगों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों और निकायों की टंकियां शोपीस बनकर रह गईं हैं। जलकल विभाग के अभियंता कामाख्या प्रसाद आनंद कहते हैं, विभाग प्रति व्यक्ति करीब 90 लीटर पानी मुहैया करा रहा है। सिविल लाइंस के नगर पालिका परिसर स्थित पानी की टंकी भी खराब पड़ी है। 
विज्ञापन


नगर पालिका परिषद फैजाबाद के ईओ रविशंकर शुक्ल कहते हैं कि, हाल ही में पालिका को मिलीं पांच टंकियाें में से किसी की हालत अच्छी नहीं है। ऐसे में टंकियां भरने के बजाय, नलकूपों से डायरेक्ट पानी सप्लाई हो रही है। 

ऑपरेटर हैं अप्रशिक्षित : एक्सईएन
जल निगम के अधिशासी अभियंता सुरेश दुबे कहते हैं कि टंकियाें पर तैनात ऑपरेटर अप्रशिक्षित हैं। उन्हें टंकियां भरना ही नहीं आता है। नगर पालिका टंकियों को बेकार बताकर पल्ला झाड़ रही है, इसी से सालों से पानी की किल्लत दूर नहीं हो पा रही है। 

गांवों में बन रही टंकियां बरसें से अधूरी
जिले में पांच हजार से अधिक आबादी वाले आठ गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बरसों से ओवरहेड टैंक बन रहे हैं। महज हैरिंग्टनगंज के जासरपुर गांव को टंकी से नहीं, सीधे नलकूप से पानी की आपूर्ति हो रही है।

अभी कहीं नहीं लगे प्याऊ 
बीते साल समाजसेवी संस्थाओं की ओर नगर में कई स्थानों पर प्याऊ लगवाए गए थे। मगर इस गर्मी में अभी कहीं प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है।

नलकूप बंद होते ही ठप होती जलापूर्ति
शिक्षक डॉ. विंध्यमणि त्रिपाठी का कहना है कि महाविद्यालय में परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षार्थियों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए बोरिंग से पानी मुहैया करा रहे हैं, जलापूर्ति नहीं होती है। गृहणी मीना पांडेय कहती हैं कि कोसलपुरी फेज-एक में टंकी बेकार पड़ी है, नलकूप बंद होते ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। हनुमान प्रसाद का कहना है कि चौक में भी पानी नहीं मिलता। जो टंकी है, उसमें पानी नहीं आता। दुकानदार कहते हैं कि नलकूप चलेगा तब पानी आएगा। रामतेज यादव का कहना है कि टंकी को भरा जाए तो दिक्कतें नहीं होती। अब तो जरूरत के लिए पानी स्टोर करना पड़ता है, वरना पीने के लिए भी पानी नहीं मिलता है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें