पूराबाजार मेें बाढ़ में डूबीं झोपड़ियां।
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सरयू/घाघरा के जलस्तर के घटाव के साथ कटान की आफत शुरू हो गई है। अयोध्या में मधुकरिया संतों की कुटिया बह गई हैं, जबकि दर्जनभर मोहल्लों में पानी कम होने के साथ कटान व क्षति से बसना मुश्किल है। रुदौली के कैथा मांझा में बाकी बचे नौ घर कटान की जद में हैं। घाघरा की लहरों से चारों तरफ से घिरे इस गांव से संपर्क कटा हुआ है।
बाढ़ खंड व राजस्व विभाग के मुताबिक जैसे-जैसे नदी घटेगी कटान से सैकड़ों घर तबाह हो सकते हैं। 12 गांवों में खतरा सबसे अधिक मंडरा रहा है। सरयू का जलस्तर अब तेजी से कम हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के मुताबिक रविवार की शाम 4 बजे तक सरयू का जलस्तर 93.30 मीटर रिकार्ड किया गया जो कि अभी भी लाल निशान 92.73 मीटर से 57 सेमी ऊपर है।
सुबह 8 बजे यहां जलस्तर 88 सेमी उपर था, अंदाजा लगा सकते हैं कि 8 घंटे में सरयू एक फीट से अधिक घटी है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव के मुताबिक जलस्तर में अब एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार गिरावट दर्ज हो रही है। मगर नदी का वेग कम नहीं हुआ है, लिहाजा रामनगरी समेत रुदौली, पूरा बाजार, मया बाजार और सोहावल के तटीय इलाकों में कटान का खतरा काफी बढ़ गया है।
बाढ़ से अयोध्या के तटीय इलाके में करीब 100 घर प्रभावित हैं। नयाघाट स्थित मधुकरिया संतों की कुटिया जलमग्न होकर जमीदोंज हो रही हैं। लहरें इन्हें अपने साथ बहा ले जा रही हैं। रामघाट हाल्ट स्टेशन के पीछे बसे करीब 45 मकान बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, कई दुकानें भी सरयू की बाढ़ से तबाह हो गई हैं।
तुलसीघाट के श्मशान स्थल के पास की दुकानें डूबने के साथ कट रही हैं। फैजाबाद शहर के निर्मलीकुंड इलाके में भी कटान हो रही है। रुदौली, पूरा, मया और सोहावल के कक्षारीय इलाकों में 40 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। पूरा बाजार इलाके के पिपरी संग्रामपुर, मूड़ाडीहा व सलेमपुर गांव का आस्तित्व खत्म होने के कगार पर है।