अयोध्या। निधि समर्पण अभियान की तर्ज पर रामलला के प्राणप्रतिष्ठा समारोह से पूरे देश को जोड़ा जाएगा। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद देश के 10 करोड़ परिवारों से संपर्क साध रही है। उनसे प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव से जुड़ने की अपील की जा रही है।
श्रीरामजन्ममूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह महज एक मंदिर का उद्घाटन नहीं है बल्कि देश को सांस्कृतिक एकता से बांधने की मुहिम है। इस मुहिम से आस्था का एक ऐसा रामसेतु बनेगा जो देश को एक सूत्र में पिरो देगा। श्रीराम देश की हर धड़कन में बसते हैं और राष्ट्र की अस्मिता का विषय हैं। ऐसे में सबके आराध्य श्रीरामलला के प्राणप्रतिष्ठा समारोह में सभी सहभागी बन सकें ऐसा प्रयास है।
पूरे देश में फैली विश्व हिंदू परिषद की टीमें अपने-अपने राज्यों, प्रांंतों, शहर, गांव-कस्बों में लोगों से संपर्क कर रही हैं। इनसे अपील की जाएगी कि प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव के दिन लोग अपने-अपने घरों, मठ-मंदिरों, आश्रमों में अपनी-अपनी पद्धति से पूजा-पाठ करें। संकीर्तन करें, प्रसाद वितरण करें, दीप जलाकर पूरे देश को राममय बनाएं।
40 दिनों तक प्रांत वार कराएंगे रामलला के दर्शन
- विहिप रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के बाद 40 दिनों तक रामलला के दर्शन का अभियान चलाएगी। पांच लाख गांवों के रामभक्तों को रामलला का दर्शन करवाने पर सहमति बनी है। इसमें प्रांत वार दिन निर्धारित कर भक्तों को दर्शन कराया जाएगा। विहिप के 44 प्रांतों के लाखों श्रद्धालु अयोध्या आएंगे। एक दिन में कम से कम 25 हजार भक्त अयोध्या आकर दर्शन कर सकें, ऐसी योजना है।