अयोध्या। राममंदिर मामले में नवंबर तक फैसला आने की उम्मीद प्रबल हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस मामले में अगले 10 दिन तक ही सुनवाई होगी।
सभी पक्षों को 18 अक्तूबर तक अपनी बहस पूरी करने का निर्देश है। उधर, राममंदिर को लेकर आने वाले फैसले से पहले विश्व हिंदू परिषद ने माहौल बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।
यही नहीं राममंदिर पर आने वाले फैसले की उम्मीद प्रबल होने के साथ ही रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में भी श्रद्धालुओं भक्तों की आमद बढ़ी है। इसको देखते हुए कार्यशाला में विराजमान राममंदिर मॉडल को परिसर में ही नए भवन में स्थापित किया जा रहा है। यहां अब श्रद्धालु राममंदिर मॉडल की परिक्रमा भी कर सकेंगे।
रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला की स्थापना 1990 में हुई थी तब से यहां राममंदिर निर्माण के लिए पत्थरों की तराशी का कार्य हो रहा है। मंदिर के मुख्य द्वार पर दाएं तरफ ही अस्थाई मंदिर नुमा छोटे कमरे में राममंदिर मॉडल भी स्थापित किया गया था।
श्रद्धालु मॉडल का दर्शन तो करते थे लेकिन जगह कम होने के कारण वह इसकी परिक्रमा नहीं कर पाते थे। विहिप ने राममंदिर मामले में फैसला आने से पूर्व ही माहौल बनाने की तैयारी भी तेज कर दी है तो इसी क्रम में मंदिर मॉडल को बाएं तरफ वृहद परिसर में नए भवन में स्थापित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालु मंदिर के प्रस्तावित आकार का दर्शन कर उसकी परिक्रमा भी कर सकें।
वहीं कार्यशाला की व्यवस्था में लगे लोग बताते हैं कि आम दिनों में जहां प्रतिदिन 500 के करीब श्रद्धालु न्यास कार्यशाला आते थे वहीं इन दिनों जब से रामंमदिर को लेकर फैसला आने की उम्मीद बढ़ी है, तब से श्रद्धालुओं की आमद में भी इजाफा हुआ है। प्रतिदिन करीब दो हजार श्रद्धालु, रामभक्त विभिन्न प्रांतों एवं जिलों से रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला पहुंचकर मंदिर निर्माण की तैयारियों की जानकारी लेते दिख जाते हैं।
राममंदिर की तैयारी को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता
शुक्रवार को अयोध्या दर्शन-पूजन को पहुंचे गुजरात के श्रद्धालु केशुभाई पटेल ने कहा कि कोर्ट में सुनवाई चल रही है अब उम्मीद है कि जल्द ही हमारे आराध्य टेंट से आजाद होंगे। रजनीश सोमपुरा बोले कि उम्मीद है कि फैसला हमारे ही पक्ष में आएगा क्योंकि सबूत व तथ्य हमारे हक में हैं।
आशा सोमपुरा बोलीं कि हर कोई भगवान राम का भव्य मंदिर निर्माण चाहता है। महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं का जत्था पत्थर तराशी का कार्य कर रहे कारीगरों से मंदिर निर्माण की तैयारी के बाबत जानकारी लेते दिखे। विकास पेडेनकर ने कहा कि जल्द राममंदिर बन जाए तो अच्छा है। नीलकांत बोले कि अब यह विवाद समाप्त होने की उम्मीद प्रबल हो गई।