ऐसा इसलिए कि प्रदेश के चारों कृषि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए गुरुवार से भले यूपी कैटेट-2015 की काउंसलिंग शुरू होने जा रही। लेकिन पिछले साल की तरह इस बार भी वेटनरी की 120 सीटों पर एडमिशन नहीं लिया जाएगा।
दरअसल, अभी तक वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया (वीसीआई) से प्रवेश के लिए हरी झंडी नहीं मिल सकी है। यह अलग बात है कि दोनों कॉलेजों में पहले की अपेक्षा कुछ हद तक मानक पूरे हो गए हैं। शिक्षकों की भर्ती हो गई और संसाधन भी सुलभ हो गए हैं।
नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज और सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध पशुपालन एवं पशुचिकित्सा महाविद्यालयों में मानकों की कमी की वजह से दो साल पहले वीसीआई ने प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
मेरठ के महाविद्यालय पर रोक पहले लगी। फैजाबाद के कॉलेज पर बाद में। दो साल पहले जब मेरठ के कॉलेज में प्रवेश के बाद भी पढ़ाई न होने पर छात्र-छात्राओं ने हाईकोर्ट की शरण ले ली थी। तो कोर्ट ने वहां के 60 छात्रों को भी यहां ट्रांसफर करा दिया था।
इसको लेकर काफी दिनों तक मामला चला था। बाद में किसी तरह छात्रों की पढ़ाई कराई गई और उन्हें वीबीएससी की डिग्री प्रदान की गई। इसके बाद शैक्षिक सत्र 2013-14 की काउंसलिंग में दोनों कॉलेजों में उपलब्ध वेटनरी की 120 सीटों पर प्रवेश नहीं लिया गया था।
इसी बीच उक्त दोनों कॉलेजों में कुछ हद तक मानक भी पूरे कर लिए गए। जानकारों का कहना है कि शिक्षकों की भर्ती भी कर ली गई है और आवश्यक संसाधन भी सुलभ करा दिए गए हैं। इसके बाद वीसीआई को पत्र भेज अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया था।
पिछले दिनों वीसीआई की एक टीम ने फैजाबाद के कॉलेज का दौरा भी किया था। दौरे के बाद टीम संतुष्ट रही। माना जा रहा था कि जल्द प्रवेश के लिए अनुमति मिल जाएगी। इसी वजह से मई में संपन्न हुई उत्तर प्रदेश संयुक्त कृषि एवं प्रौद्योगिक प्रवेश परीक्षा-2015 में वेटनरी सीटों के लिए छात्रों से आवेदन भी मांगे गए।
मगर उम्मीदों के अनुरूप प्रवेश के लिए वीसीआई से अनुमति नहीं मिल सकी है। जबकि गुरुवार से यूपी कैटेट के आयोजक एनडी कृषि विवि कुमारगंज में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग भी शुरू होने जा रही। अनुमति न मिल पाने की वजह से दोनों कॉलेजों में उपलब्ध वेटनरी की 120 सीटों पर छात्रों का प्रवेश नहीं लिया जाएगा।