अयोध्या। रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने अपनी जान का खतरा जताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने व फायरब्रांड संत कहे जाने वाले वेदांती ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन उनकी सुरक्षा बढ़ाने में कोई रूचि नहीं ले रहा है जबकि उनके शुभचिंतकों द्वारा लगातार उन्हें लगातार जान का खतरा बताते हुए सचेत किया जा रहा है।
बताते चलें कि अयोध्या मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है अब शीघ्र ही फैसला आने वाला है। इसको लेकर रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे संतों को प्रशासन द्वारा सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इस बीच रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे और न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने अपनी सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।
वेदांती का कहना है कि बीते दिनों राजधानी लखनऊ में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की जिस तरह हत्या हुई है उसी तरह उनकी भी जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि शुभचिंतकों द्वारा कई बार फोन पर यह सूचना दी गई है कि मेरी जान को खतरा है।
इसकी सूचना हमने जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव गृह तक को दी है बावजूद इसके प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। अभी पूर्व सांसद की सुरक्षा में दो होमगार्ड व एक गनर तैनात है। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद असहज वेदांती ने भी अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।