ग्राम पंचायत गयासपुर में मनरेगा में हुए लाखों रुपये के घोटाले के आरोपी ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित छह कर्मचारियों के विरुद्ध मुख्य विकास अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश खंड विकास अधिकारी को दिया है। बीडीओ की ओर से जल्द तहरीर थाने भेजने की तैयारी है।
बताया गया है कि मनरेगा के तहत हुए विकास कार्य में लाखों रुपये का घपला किया गया था। इसकी शिकायत ग्राम पंचायत सदस्य बलिराम निषाद ने उच्चाधिकारियों सहित हाईकोर्ट में भी की थी। जानकार बताते हैं कि हाईकोर्ट के निर्देश पर मनरेगा लोकपाल विपिन सिंह ने कई बार गांव पहुंचकर जांच कर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया था। जिसमें अधिकतर कार्य कागज में ही कराकर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया था।
बीडीओ चंद्रभान तिवारी ने बताया कि मनरेगा लोकपाल ने अपनी जांच आख्या में ग्राम प्रधान जैसराज निषाद, ग्राम विकास अधिकारी राजकुमार यादव, सम्पूर्णानंद तिवारी, ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रिका प्रसाद चौबे, तकनीकी सहायक केदारनाथ दूबे, वन रक्षक रामसुंदर शुक्ल पर आठ लाख सत्तर हजार रुपये का घपला करने का दोषी पाया।
लोकपाल ने जांच आख्या हाईकोर्ट को भेज दी। हाईकोर्ट के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद मलल्प्पा बंगारी ने सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश खंड विकास अधिकारी को दिया। सीडीओ का पत्र ब्लॉक में पहुंचते ही आरोपियों में हड़कंप मच गया।
सीडीओ के आदेश के बाद खंड विकास अधिकारी रिपोर्ट को लेकर मंथन करते रहे। थानाध्यक्ष केके गुप्ता ने बताया कि एफआईआर के संबंध में बीडीओ की कोई तहरीर नहीं मिली है।