नोटबंदी के 37वें दिन भी बैंकिंग व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। जिलेभर में नकदी संकट से बैंकों पर लोग रोजाना कतार लगाने को मजबूर हैं। बुधवार को खजुरहट में पीएनबी शाखा प्रंबधक ने जैसे ही सुबह कैश न होने की बात रखी, भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा।
लोगों का गुस्सा देख बैंककर्मी ताला जड़ खिसक लिए। यहां एक सप्ताह से भुगतान ठप पड़ा है। यह स्थिति देहात इलाकों की तमाम शाखाओं पर दिखीं। शहर में भी तमाम लोग रोजाना 2 से चार हजार तक भुगतान के कारण अभी वेतन व पेंशन के लिए कतार में खड़े दिखे।
बीकापुर तहसील की खजुरहट बाजार स्थित पीनएबी शाखा में तीन दिन बाद खुलने पर भी मंगलवार को कैश नहीं मिला, बुधवार को भी कैश न होने का जवाब मिलते ही सुबह 11 बजे भीड़ बेकाबू हो गई। बैंक में खुसकर अभद्रता पर उतर आई। खाताधारक अभिषेक कुमार, नईम, अंजनी कुमार आदि का कहना था कि एक सप्ताह से कैश नहीं होने की बात कह लौटाया जा रहा है।
बाद में हंगामा होते देख किसी तरह शाखा प्रबंधक अरविंद शुक्ला ने लोगों को बाहर निकाला। कहा कि बुधवार को कैश नहीं आया है, गुरुवार को आएगा, तो सबको भुगतान होगा। भीड़ ने कैश नहीं तो बैंक क्यों खोले हो कहकर नारेबाजी शुरू कर दी, तो बैंककर्मी ताला बंद कर खिसक लिए।
शहर में बैंकों व एटीएम का हाल बेहद खराब रहा। कोट सराय निवासी अख्तर और बीकापुर के आकाश मिश्रा पीएनबी की विकासभवन शाखा पर वेतन लेने आए थे, उनका कहना था कि दो से चार हजार का भुगतान हो रहा है, ऐसे में रोज लाइन लगानी मजबूरी है। एसबीआई की मुख्य शाखा की एटीएम पर कतार में खड़े तारुन निवासी राम कुमार शुक्ला और भदरसा निवासी दीपक यादव का कहना था कि देहात की किसी एटीएम में पैसा नहीं है।
रामकुमार ने बताया कि उनकी बेटी बीमार है, सुबह से कतार में लगे हैं। देवकाली रोड पर एक्सिस, एसबीआई, आईसीआईसीआई, सेंट्रल के तीन एटीएम, बीओबी के एटीएम बंद रहे। सिविल लाइंस में सेंट्रल बैंक, पीएनबी, आईसीआईसी, रेलवे स्टेशन का एसबीआई का एटीएम बंद रहा।