अयोध्या। योगी सरकार के चौथे बजट में भी रामनगरी के विकास के लिए पिटारा खुला। अंतरराष्ट्रीय स्तर के विकसित किए जा रहे श्रीरामचंद्र एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद को 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि राममंदिर बनने के साथ उच्चस्तरीय पर्यटन सुविधाओं पर 85 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
साथ ही अयोध्या में नौ हैरिटेज होटल समेत रेस्त्रां खोलने में उत्तर-प्रदेश पर्यटन नीति के तहत 50 करोड़ के प्रावधान से अब तेजी आने की उम्मीद है। बीते दिनों यहां आए मुख्यमंत्री ने तुलसी स्मारक भवन को हाईटेक करने की घोषणा की थी। बजट में इसके लिए भी अलग से 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
योगी सरकार ने अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए बजट में पांच सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। बजट में धन आवंटन से अब इसके काम में और तेजी आएगी। अब तक जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए लगभग 161 करोड़ रुपये की जमीन खरीद ली है। अयोध्या के प्रस्तावित एयरपोर्ट को रामनवमी 2021 तक तैयार किए जाने का लक्ष्य है।
इसके लिए प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट के आसपास के तीन गांवों जनौरा, गंजा और धर्मपुर सहादत की लगभग 106 हेक्येटर जमीन को चिह्नित किया था। पहले चरण में जनौरा और गंजा की जमीनों की किसानों से रजिस्ट्री कराई जा रही है। किसानों को दिए जाने वाले पैसे और रजिस्ट्री खर्च के साथ जमीन की खरीद पर लगभग साढ़े छह सौ करोड़ के खर्च का अनुमान है।
बजट में अब धन आवंटन से अयोध्या के एयरपोर्ट को लेकर योगी सरकार की गंभीरता दिखती है। बजट में जिले पर उपलब्ध सवा पांच सौ करोड़ के अतिरिक्त एयरपोर्ट के लिए पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे जमीन खरीद के साथ अन्य कार्यों में खासी तेजी आएगी। जमीन के मद में लगभग साढ़े छह सौ करोड़ खर्च के अलावा भी लगभग पौने चार सौ करोड़ रुपये से दूसरे कार्य होने की संभावना है।