अयोध्या। मैंने भाजपा का साथ छोड़ा है, हिंदुत्व का साथ नहीं। बीते डेढ़ साल के दौरान मुझे तीन बार अयोध्या आने का सौभाग्य मिला है। मैं जब भी यहां आया तो मुझे कोई न कोई कामयाबी जरूर मिली। ये बातें शिवसेना प्रमुख व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्रकार वार्ता में कही। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए अपने ट्रस्ट से एक करोड़ रुपये देने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि पहली बार आया था तो प्रभु श्रीराम के दर्शन करते समय यहीं मांगा था कि जल्द ही उनके भव्य मंदिर का निर्माण हो। राम मंदिर के लिए कानून तो नहीं बना लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला किया। दूसरी बार जब आया तो छत्रपति शिवाजी की भूमि की मिट्टी लेकर आया था, तो मैं महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बन गया। जबकि यह बात मैंने सपने में भी नहीं सोची थी।
अपनी सरकार के सौ दिन पूरे होने के बाद आज मैं फिर अयोध्या प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेने आया हूं। मैंने पहले ही कहा था बार-बार अयोध्या आऊंगा। कहा कि इच्छा थी सरयू आरती करूं लेकिन कोरोना वायरस के चलते सरयू आरती नहीं कर पा रहा हूं।
कहा कि हमारे पिता बाला साहेब ठाकरे ने मंदिर आंदोलन का नेतृत्व किया था, मुझे वह दिन याद है, आज भी मुझे मातोश्री का आशीर्वाद है। कहा कि आज सबके सहयोग से श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। इस दौरान उन्होंने किसी तरह की राजनीतिक बात करने से इनकार किया।
श्रीराम मंदिर के लिए दिया एक करोड़ का दान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अयोध्या में श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये दान करने की घोषणा की। कहा कि यह पैसा वह महाराष्ट्र सरकार की ओर से नहीं बल्कि अपने ट्रस्ट से देंगे। कहा कि ट्रस्ट से अनुरोध है कि वह यह पैसा मंदिर निर्माण के लिए स्वीकार करे।
अयोध्या में महाराष्ट्र भवन का हो निर्माण
शिवसेना प्रमुख ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि अयोध्या में महाराष्ट्र भवन का निर्माण कराया जाए। कहा कि मंदिर निर्माण के दौरान व बाद में महाराष्ट्र से लाखों की संख्या में रामभक्त अयोध्या आएंगे। उनके ठहरने व भोजन आदि प्रबंध के लिए यहां पर महाराष्ट्र भवन का निर्माण कराया जाए। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि यदि यूपी सरकार महाराष्ट्र भवन नहीं बनाएगी तो क्या आप भूमि क्रय कर इसका निर्माण कराएंगे? इस पर उन्होंने कहा कि हमेशा अच्छा सोचिए।