सीने में दर्द बता वह मौके पर ही बेहोश हो गईं। इसी दौरान सर्किट हाउस आए समाज कल्याण मंत्री को शिक्षा मित्रों के दूसरे संगठन के लोग ज्ञापन देने पहुंचे तो वहां आरती यादव अचेत हो गईं।
आननफानन में साथियों ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। हालांकि डॉक्टरों ने दोनों को गर्मी व घबराहट की वजह से बेहोश होने की बात कही है।
आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सिविल लाइंस स्थित गांधी पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन में मिल्कीपुर के दसौली निवासी व प्राथमिक स्कूल पूरे गसद्दीपुर में तैनात शिक्षिका अर्चना पांडेय (30) की सीने में दर्द के साथ तबीयत एकाएक खराब हो गई।
वह मौके पर बेहोश हो गईं, इससे अफरातफरी का माहौल हो गया। हार्टअटैक की बात कहते हुए तत्काल ऐसोसिएशन के पदाधिकारी अर्चना को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
वहीं दूसरी घटना सर्किट हाउस में हुई, जहां प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की ओर से समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद को ज्ञापन देते समय मिल्कीपुर के ढोली असकरन निवासी व प्राथमिक स्कूल अलीपुर खजुरी में तैनात शिक्षिका आरती यादव (26) की हालत एकाएक खराब हो गई।
जब तक कोई कुछ समझ पाता, वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। आरती को भी तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों का इलाज चल रहा है। हालत में सुधार बताया जा रहा है।
रुदौली के भाजपा विधायक रामचंद्र यादव ने अस्पताल पहुंच दोनों मरीजों का हालचाल लिया। जिला अस्पताल के कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दोनों शिक्षामित्रों को हार्टअटैक नहीं हुआ है।
ईसीजी जांच में कोई दिल की बीमारी नही पाई गई। संभवत: गर्मी व घबराहट की वजह से गश खाकर गिर गईं। दोनों मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
उधर, रविवार को भर्ती महेंद्र कुमार को सोमवार की सुबह पूर्णतया स्वस्थ होने पर जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी से जब पूछा गया कि दो महिला शिक्षामित्रों की हालत खराब होने पर कोई जिम्मेदार मौके पर क्यों नहीं गया, तो बे बोले कि हम अब जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रविवार को सदमे से बीमार हुए शिक्षक महेंद्र कुमार को देखने गए थे। सभी शिक्षा मित्र से समायोजित शिक्षक हुए लोगों से अपील है कि सदमे में न आएं, सरकार हाईकोर्ट के फैसले का अध्ययन करा सुप्रीम कोर्ट में अपील कर न्याय दिलाएगी।