जिला अस्पताल में 24 घंटे के अंदर दो बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की मौत से चिल्ड्रन वार्ड में कोहराम मचा हुआ है। अस्पताल में भर्ती अन्य बच्चों के परिवारीजन किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। दोनों बच्चों की मौत बुखार से हुई है। बच्चों को दिमागी बुखार की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार की भोर सुबह साढ़े चार बजे जिवपुर (भरतकुंड)निवासी प्रेमलाल के सात वर्षीय पुत्र आलोक की मौत हो गई। बच्चे की मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। आलोक भी बुखार से पीड़ित था। इसके पूर्व शुक्रवार की दोपहर बीकापुर निवासी सुनील कुमार श्रीवास्तव के तीन वर्षीय पुत्र अंशु की मौत हो गई थी।
इन दोनों बच्चों की मौत से बच्चा वार्ड के भर्ती अन्य बच्चों के परिवारीजन भी डरे हुए हैं। संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त बच्चों से वार्ड पूरी तरह से पटा हुआ है। एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती किए गए हैं। बच्चा वार्ड में बुखार और डायरिया से पीड़ित आधा दर्जन से अधिक बच्चों को भर्ती किया गया है।
वार्ड में डायरिया और बुखार से पीड़ित रागिनी (1), प्रशांत(10), रूबी (13), राखी (11), आशु (7), हिमांशी(10), शिवानी (6), रूमा (11), नेहा तिवारी (14) को बच्चा वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि वार्ड में भर्ती अधिकतर बच्चे डायरिया या फिर वायरल फीवर से पीड़ित हैं। इन बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
जिन बच्चों की मौत हुई है, उन्हें तेज बुखार था। फिर भी सीएमएस से इसकी जांच कराई जाएगी कि इलाज में लापरवाही तो नहीं बरती गई।
-डॉ. प्रमोद कुमार मुख्य चिकित्सा अधिकारी