किसी ने सोचा नहीं था कि सुबह अयोध्या दर्शन-पूजन को खुशी-खुशी निकली भट्ठा मजदूरों की टोली का काल से सामना होगा। एक ट्रक चालक की जरा सी लापरवाही ने पल भर में जीप सवार श्रद्धालुओं की खुशी को मातम में बदल दिया। जिला अस्पताल में चीख-पुकार से कोहराम मचा रहा, प्रशासन ने सभी डॉक्टरों को ऑन कॉल ड्यूटी पर बुलाकर घायलों की जानें बचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
घायल ज्वाला प्रसाद ने बताया कि सभी छत्तीसगढ़ के विलासपुर जिला अंतर्गत तुंग गांव थानाक्षेत्र के सेरेकेत गांव निवासी हैं। सुल्तानपुर जिले के थाना कुड़वार अंतर्गत राजापुर गांव मजरे हसनपुर स्थित मुस्कान ईंट-भट्ठा पर काम करते हैं। हम मजदूरों ने एक जीप तय की।
कुल 22 महिला-पुरुष और बच्चे सवार होकर अयोध्या में बुढ़वा मंगल पर सरयू स्नान और दर्शन करने निकले। पूरा दिन खुशी से बीता, दर्शन-पूजन हुए। फिर गाते-बजाते भट्ठे के लिए रवाना हुए। किसी ने सोचा नहीं था कि पल भर में हमारी खुशी को नजर लग जाएगी।
घायल सुभाष कुमार ने बताया कि अचानक सामने से आ रहे खाली ट्रक ने टक्कर मार दी। कुछ लोग दूर छिटक गए, जबकि जीप में कई लोग पिस गए। मौके पर ही सात लोगों की मौत हो गई। किसी तरह पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से जीप में फंसे लोगों को निकाल कर जिला अस्पताल ले जाया गया। कंट्रोल को फोन करते ही डायल100 की टीम सबसे पहले पहुंची, इसके बाद पुलिस पहुंची। सभी को दो एंबुलेंसों से जिला अस्पताल भेजा गया।
घायलों में 8 लोगों की हालत चिंताजनक बनीं हुई है। इसमें अंशिका पुत्री ज्वाला प्रसाद (6), मो. कलीम पुत्र मो. सलीम (25), नेतराम पुत्र हेमसिंह (21), सीनू पुत्र अमरनाथ (2), किरन पत्नी विजय (21),चेतन पंडित पुत्र लक्ष्मन (30), चित्रलेखा पत्नी सुभाष (21), विष्णु सिंह पुत्र श्रीकेश सिंह (12), शत्रुहन कुमार पुत्र घुरौलीराम (29) शामिल हैं। भट्ठा मजदूरों ने बताया कि उनका मालिक आ रहा है। जिला अस्पताल पहुंचे डीएम विवेक, एसएसपी अनंतदेव समेत तमाम अफसरों ने मेडिकल टीम के साथ इंतजाम कराया है। एसएसपी का कहना है कि दवा-इलाज में कोई दिक्कतें नहीं आएगी। प्रशासन लगा हुआ है।