बीकापुर। पुलिस व प्रशासन की मिलीभगत से गांव की सरकारी जमीन पर लगे आम के 28 व महुआ के दो पेड़ों समेत 45 हरे पेड़ सुल्तानपुर से आए लोग काटकर रातोंरात उठा ले गए।
एसडीएम, रेंजर व पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह शिकायत बीकापुर तहसील के ग्रामसभा साल्हीपुर विट्ठलपुर के प्रधान की है।
कुछ लोगों ने अपनी निजी भूमि पर 25 आम व महुआ के हरे पेड़ों को बीमार होने की अर्जी देकर बकायदे वन विभाग से परमिट लेकर यह कारनामा अंजाम दिया।
मगर पैमाइश के बाद राजस्व विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने के बजाए मामले में लीपापोती शुरू कर दी। अब मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद तहसील प्रशासन व वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के महत्व गिनाने वाले प्रशासन की इस कारगुजारी से पूरा गांव सन्न है। सीएम का भेजी गई शिकायत में साल्हीपुर विट्ठलपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल तिवारी ने आरोप लगाया है कि 25 नवंबर की रात में सुल्तानपुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा ग्रामसभा में तालाब के किनारे लगे फलदार हरे आम के 28 पेड़ व दो पेड़ महुआ के काटे गए। बोटे उसी रात उठा भी ले गए। सुबह जानकारी होने पर एसडीएम बीकापुर व रेंजर को अवगत कराया।
उप जिलाधिकारी के निर्देश पर कानूनगो राधेश्याम तिवारी और पांच लेखपालों की टीम ने आकर पैमाइश भी किया और जड़ की खोदाई रुकवा दी। सरकारी पोखरे के भीटे पर कुल 30 पेड़ कटे पाए गए।
प्रधान का कहना है कि इसकी तहरीर बीकापुर कोतवाली में मैं देने जा रहा था तो कानूनगो ने कहा कि सार्वजनिक भूमि का मामला है। लेखपाल अनूप सिंह रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। लेकिन चार दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधान ने मुख्यमंत्री और डीएम से ऑनलाइन भी शिकायत की है, इसमें आरोप लगाया है कि सरकारी भूमि के 30 पेड़ काटने के अलावा दबंगों ने गांव के राजमुनी सिंह से खरीदी गई भूमि पर लगे आम व महुआ के 15 पेड़ काटे हैं। सभी पेड़ स्वस्थ व फलदार थे। सरकारी पेड़ को छिपाने के लिए दबंगों ने जेसीबी से जड़े उखाड़ कर हटाने का प्रयास भी किया। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने पर डायल-100 टीम भी आई लेकिन मामला दब गया।
राजस्व निरीक्षक राधेश्याम तिवारी ने बताया कि भूमि की पैमाइश की गई है। लेकिन लेखपाल के बीमार हो जाने सेेे अभी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। यह भी बताया कि गाटा संख्या 2449 रकबा 0.974 में उक्त तालाब दर्ज है। इसी जमीन में गांव निवासी राजमुनि पुत्री राम चरित्र के नाम 810 एयर खतौनी दर्ज है।
जानकारी करने पर इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी अशोक श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि बीमार 25 हरे आम पेड़ों का परमिट विभाग द्वारा भेजा गया है। लेकिन आम के पेड़ किस रोग से ग्रसित थे, इसके बारे में क्षेत्रीय वन अधिकारी नहीं बता पाए। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हरे आम के पेड़ रोगमुक्त है। प्रतिवर्ष फल देते हैं।
पुलिस चौकी प्रभारी चौरे बाजार अभिनंदन पांडे ने बताया कि पिछले महीने 24 पेड़ काटे गए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद पेड़ कटान पर रोक लगा दी गई थी। वन विभाग ने जुर्माना भी किया था उसके बाद 25 पेड़ की परमिट दिखाकर कटाई की गई है। कटाई करने वाले ठेकेदार से संपर्क नहीं हो पाया।
डीएम ने आदेश पर पहुंचे एसडीएम व तहसीलदार
मामले में डीएम अनुज कुमार झा के आदेश पर शुक्रवार दोपहर बाद बीकापुर तहसील के साल्हीपुर गांव में एसडीएम लव कुमार सिंह व तहसीलदार दुर्गविजय सिंह मौके पर पहुंचे। जांच में सरकारी भूमि से पेड़ काटे जाने के बात सही पाई गई। प्रधान का कहना है कि मामले की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से करने पर दोनों अधिकारी उसे ही डांट-फटकार रहे हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। तहसील प्रशासन से न्याय की उम्मीद नहीं है। पेड़ काटने वाले दबंग व पैसे वाले हैं। उधर, एसडीएम का कहना है कि जब पेड़ काटे जा रहे थे तब प्रधान ने शिकायत क्यों नहीं की। 25 पेड़ को बीमार बताकर वन विभाग से अनुमति ली गई थी। ज्यादा पेड़ काटने के मामले में वन विभाग को कार्रवाई के लिए कहा गया है।
सरकारी भूमि से हरे व फलदार पेड़ काटने के मामले की जांच कराई जा रही है। मामला बेहद गंभीर है। एसडीएम की रिपोर्ट आते ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अनुज कुमार झा, जिलाधिकारी, अयोध्या