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पर्यटन विभाग पर डीएम ने कसा शिकंजा

Wed, 18 May 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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भरतकुंड की नाप-जोख करती जांच टीम। - फोटो : अमर उजाला
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ऐतिहासिक भरतकुंड सरोवर की खोदाई को लेकर आखिरकार तीन दिन से चल रही रस्साकसी के बाद डीएम और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। पर्यटन विभाग की कार्यदायी संस्था उ.प्र. आवास विकास परिषद ने कुल स्वीकृत रकम 2 करोड़ 7 लाख रुपये में 1.77 करोड़ खर्चकर सरोवर की सीढ़ियां, बाउंड्रीवाल, प्लेटफार्म आदि बनाने की रिपोर्ट देकर खोदाई और जलभराव के लिए बाकी धन ट्रांसफर करने से इंकार कर दिया है।
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नाराज डीएम ने मामले में पीडी के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम बनाकर 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने कहा कि मौके पर 40 फीसदी भी काम नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में पहले हकीकत जांच ली जाए, फिर खोदाई होगी। अब डीएम के रुख को देखते हुए तय माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ पुलिस केस से लेकर रिकवरी और निलंबन की गाज गिर सकती है।

‘अमर उजाला’ में भरतकुंड सरोवर के पटने और सूखने की खबर बीते शुक्रवार को छपने के बाद डीएम किंजल सिंह ने सरोवर को पुराने स्वरूप में लाने व जलभराव को लेकर सक्रियता दिखाई। उन्होंने उसी दिन शाम को मौके पर सभी विभागों के साथ बैठक की, तो सामने आया कि पर्यटन विभाग ने वर्ष 2012 में भरतकुंड के कायाकल्प के लिए चार करोड़ 51 लाख रुपये की योजना प्रस्तावित कर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजी थी।
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योजना की तकनीकी जांच के बाद विभिन्न कार्यों के लिए करीब 2 करोड़ 7 लाख 53 हजार रुपये विभाग की कार्यदायी संस्था उ.प्र. आवास विकास परिषद को अवमुक्त हुए हैं। नोेडल अफसर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी वीपी सिंह ने डीएम को बताया कि 1.77 करोड़ रुपये खर्च कर सरोवर की सीढ़ियां, प्लेटफार्म, बाउंड्रीवाल आदि काम कराए गए हैं।

बाकी राशि कार्यदायी संस्था और निदेशालय के पास है। इससे खोदाई कार्य नहीं किया जा सकता। डीएम की फटकार के बाद किसी तरह काम शुरू हुआ, लेकिन फिर अगले दिन बंद हो गया। डीएम ने फिर सोमवार शाम मौके पर जाकर फटकार लगाई तो मंगलवार सुबह से दो जेसीबी लगाकर खोदाई शुरू हुई, साथ ही पंप चलाकर जलभराई भी शुरू कराई गई।

लेकिन बुधवार को काम फिर बंद हो गया। इस पर डीएम ने सख्त तेवर अपनाते हुए आवास विकास परिषद को अवमुक्त हुए धन के सापेक्ष खर्च 1.77 करोड़ के कार्यों की तकनीकी व प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं।

परियोजना निदेशक एके मिश्र की अगुवाई में जांच टीम में एसडीएम सोहावल रमेश रंजन, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एके सिंह, बाढ़ नियंत्रण खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव, डीआरडीए के सहायक अभियंता आरआर मौर्या, आरईएस के अधिशासी अभिंयता हैदर मेंहदी रिजवी शामिल हैं। यह टीम 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देगी। टीम के सदस्य बुधवार को मौके पर नाप-जोख करते रहे।
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