अयोध्या। बुजुर्गों व 45 वर्ष से अधिक के अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के टीकाकरण की शुरुआत होने के बाद बृहस्पतिवार से अभियान को वृहद बनाया जा रहा है। अब 21 अस्पतालों में पंजीकरण व टीकाकरण की सुविधा दी जा रही है। इनमें चार जिला स्तरीय व 11 ब्लॉक स्तरीय सीएचसी पर निशुल्क एवं छह निजी अस्पतालों में 250 रुपये जमा करने पर टीका लगाया जाएगा।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण में तीसरे चरण में जनता को टीका लगाकर सुरक्षित किया जा रहा है। एक मार्च से 60 वर्ष के वृद्ध व 45 वर्ष से अधिक के अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। जिले में इस आयु वर्ग में करीब सवा चार लाख लोगों को टीका लगाया जाना है।
शासन की ओर से वैक्सीन की उपलब्धता के अनुसार मार्च माह में कुल लक्षित लोगों में से 46 हजार लोगों का टीकाकरण करने का निर्देश दिया गया है। जिसके अनुरूप जिले में तैयारी संपन्न की गई है। तीसरे चरण में टीकाकरण की शुरुआत सिर्फ तीन केंद्रों पर ट्रायल के रूप में की गई थी। इस दिन जिले में 97 लोगों ने पंजीकरण कराते हुए टीका लगवाया था।
अब गुरुवार से अभियान को विस्तृत करने की तैयारी है। इसके लिए जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय व राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज और 11 ब्लॉक स्तरीय सीएचसी में निशुल्क व्यवस्था दी जाएगी। जबकि छह निजी अस्पतालों राज राजेश्वरी हॉस्पिटल, चिरंजीव हॉस्पिटल, अयोध्या आई हॉस्पिटल, जगत हॉस्पिटल, निर्मला हॉस्पिटल व दिव्य हॉस्पिटल में 250 रुपये जमा करने पर टीका लगाया जाएगा।
इन केंद्रों पर पहुंचने वाले लाभार्थियों का पंजीकरण भी होगा। पूर्व में पंजीकरण करा चुके लाभार्थी टीकाकरण केंद्र आवंटन के पश्चात संबंधित केंद्र पर टीका लगवाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार जिला स्तरीय अस्पताल सप्ताह में छह दिन टीकाकरण कराएंगे। जबकि 11 विकास खंड स्तरीय अस्पतालों में प्रत्येक सोमवार, बृहस्पतिवार व शुक्रवार को टीकाकरण होगा।
निजी अस्पताल सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार को टीका लगेगा। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जिले में तीन विशेष सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जो पूर्णत: महिलाओं को समर्पित होगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि मार्च माह में 46 हजार लोगों का टीकाकरण कराया जाना है। इसके लिए अस्पतालों का चयन कर लिया गया है। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।