अधिवक्ता से बदसलूकी के मामले में वकीलों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी के खिलाफ पीड़ित अधिवक्ता सीजेएम कोर्ट में मानहानि का इस्तगासा दायर करेंगे। मानहानि के मामले में क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए डीएम को नोटिस भेजी गई है।
इसमें पांच लाख की क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। साथ ही बार की बैठक में वकीलों ने तय किया कि 22 अगस्त तक डीएम का स्थानांतरण न होने पर उन्हें कार्यालय में नहीं बैठने देंगे।
डीएम के ट्रांसफर के लिए बार संघ अध्यक्ष संजीव दूबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल, मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव से मिलेगा।
डीएम किंजल सिंह पर उनके कार्यालय में एक वादकारी की तरफ से अपनी बात रखने गए अधिवक्ता को थप्पड़ मारने की धमकी देने का आरोप है। वकील इस मुद्दे पर कई दिन से आंदोलित हैं। गुरुवार को मामले में बार की बैठक बुलाई गई थी। इसमें वकीलों ने आंदोलन को और तेज करने का तर्क दिया।
लगभग दो घंटे चली बैठक में कई फैसले लिए गए। बार अध्यक्ष संजीव दूबे ने बताया कि डीएम को चारों तरफ से घेरने की योजना के तहत वकील उनके खिलाफ मानहानि का दीवानी और आपराधिक वाद भी दायर करेंगे।
उन्होंने बताया कि फौजदारी वाद का मसौदा तैयार कर लिया गया है। इसे 12 अगस्त को सीजेएम कोर्ट में दायर किया जाएगा। उधर मामलेे में डीएम से बात करने की कोशिश की गई, पर उनका पक्ष नहीं मिला है।