नगर कोतवाली से चंद कदम दूर स्टेशनरी दुकान की छत काट नकदी पार करने वाले तीन किशोरों को पुलिस ने बुधवार को दबोच लिया। इन किशोरों ने अपना गिरोह बना रखा था। कमाई के चक्कर में इनके परिवार वाले भी शह दे रहे थे। सीसीटीवी फुटेज के सहारे हत्थे चढ़े किशोरों की कहानी ने पुलिस को भी भौचक्का कर दिया है।
पुलिस सभी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई कर रही है। सोमवार रात चौक लायडगेट स्थित एक स्टेशनरी प्रतिष्ठान में चोरी का मामला प्रकाश में आया था। पीड़ित दुकानदार को सीसीटीवी फुटेज में एक 11-12 साल के बच्चों की करतूत मिली थी। जो प्रतिष्ठान के कैश दराज से नकदी समेटते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ था।
तहरीर पर फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की तो पुलिस किशोरों के एक गिरोह तक पहुंच गई। पुलिस ने शहर के ही रहने वाले तीन किशोरों को हिरासत में लिया और पूछताछ की। किशोरों ने बताया कि वे लोग पहले से रेकी कर तय कर लेते थे कि वारदात कहां करनी है और इसके बाद सबकी भूमिका बांट दी जाती थी।
तय समय पर मौके पर पहुंच सभी अपने काम में लग जाते थे और माल बटोरने के बाद निकल लेते थे। गिरोह ने शहर के कई इलाकों में चोरी की वारदात अंजाम दी, लेकिन कभी पुलिस के हाथ नहीं लगे। इन किशोरों के परिवार वालों को उनकी करतूत की जानकारी थी, लेकिन लोभ के कारण उन्होंने कभी विरोध नहीं किया। प्रकरण में प्रतिष्ठान मालिक अयोध्या कोतवाली के भीखापुर निवासी अजय चतुर्वेदी ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।